जालना आम बाजार( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
जालना

Jalna में आम की बहार, हापुस-केसर की बढ़ी डिमांड, कीमतें 200 रुपये किलो तक; बाजार में बढ़ी खरीदारों की भीड़

Jalna Mango Market: गर्मी के साथ आम का सीजन शुरू हो गया है। बाजारों में हापुस, केसर समेत कई किस्मों की आवक हो रही है, जिससे खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है व कीमतें 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई।

अंकिता पटेल

Jalna Hapus Mango Price: जालना गर्मी का मौसम शुरू होते ही शहर के फल बाजारों में आम की बहार दिखाई देने लगी है। शहर के विभिन्न बाजारों में इन दिनों हापुस, केसर, दशहरी, तोतापुरी, बदामी व नीलम जैसी कई लोकप्रिय किस्मों के आम बड़ी मात्रा में पहुंच रहे हैं।

आम की बढ़ती आवक के चलते बाजारों में खरीदारों की भीड़ भी लगातार बढ़ रही है। फल विक्रेताओं के अनुसार, इस साल आम का मौसम अपेक्षा से जल्दी शुरू होने से कई लोग अक्षय तृतीया से पहले ही आम का स्वाद लेने के लिए बाजार का रुख कर रहे हैं।

शहर के बाजार में हापुस व केसर आम करीब 200 रुपये प्रति किली के भाव से व लालबाग आम 150 रुपये प्रति किलो के दाम पर उपलब्ध हैं। स्वाद, सुगंध व गुणवत्ता के चलते हापुस व केसर आम हमेशा से ग्राहकों की पसंद रहे हैं। इसी वजह से बाजार में इन दोनों किस्मों की सबसे ज्यादा मांग देखने मिल रही है। कई लोग घर के लिए खास तौर पर यही आम खरीद रहे हैं।

आमरस बनाने के लिए ग्राहकों में बढ़ी खरीदारी

हापुस व कैसर के अलावा बाजार में दशहरी, तोतापुरी, बदामी, नीलम जैसे आम भी पहुंच चुके हैं, जो ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, फल चिकेताओं के अनुसार, बादामी आम की एक पेटी 1200 से 1500 रुपये के बीच बिक रही है, आमरस बनाने लोग बादामी, दशहरी, तोतापुरी ये आम ज्यादा खरीद रहे है, लालबाग आम अपेक्षाकृत सस्ता होने से आम लोगों की पहुंच में है। कई लोग गावरान (देसी) आम आने का इंतजाम किए बिना ही आमरस का आनंद ले रहे हैं।

बाजारों में देसी आम मिलना हुआ मुश्किल

गांवों में मिलने वाले गावरान या देशी आम के मामले में फिलहाल स्थिति अलग है। अभी इन आमों पर फूल आना शुरू हुआ है व कुछ जगहों पर कच्चे आम (कैरी) लगने लगे है।

संभावना है कि इस वर्ष अक्षय तृतीया के समय गावरान आमरस उपलब्ध नहीं हो पाएगा। स्थिति को देखते हुए कई लोगों ने अभी से हापुस व दशहरी आम खरीदकर आमरस बनाने की तैयारी शुरू की है।

फल व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में जब गावरान आमों की आवक बढ़ेगी, तब बाजार का माहौल और बदल सकता है। उस समय ग्राहकों को आम की और अधिक किस्में तथा बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे।

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