जिले में अवैध जल निकासी के खिलाफ प्रशासन का विशेष अभियान।
1,090 स्थानों पर पानी निकालने का काम रुकवाया गया।
27 इलेक्ट्रिक पंप और पानी निकालने के उपकरण जब्त।
जामनेर तहसील में 650 और चालीसगांव में 264 स्थानों पर कार्रवाई।
20 फ्लाइंग स्क्वॉड ने सिंचाई विभाग, बिजली वितरण कंपनी और पुलिस के साथ मिलकर अभियान चलाया।
Jalgaon District Administration Illegal Water Extraction Crackdown: जलगांव जिले में पेयजल के लिए आरक्षित पानी का अवैध इस्तेमाल रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया। इसके तहत 1,090 स्थानों पर अवैध जल निकासी बंद कराई गई और 27 इलेक्ट्रिक पंप जब्त किए गए। जामनेर तहसील में सबसे ज्यादा 650 स्थानों पर कार्रवाई हुई।
जलगांव जिले में पेयजल के लिए आरक्षित पानी का अवैध इस्तेमाल रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। सिंचाई के नाम पर विभिन्न मध्यम और लघु सिंचाई परियोजनाओं से बिना अनुमति पानी निकालने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान जिले में 1,090 स्थानों पर अवैध रूप से पानी निकालने का काम बंद कराया गया। साथ ही 27 इलेक्ट्रिक पंप और पानी निकालने के अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।
प्रशासन को जानकारी मिली थी कि गिरना और वाघुर नदियों पर बनी परियोजनाओं सहित जिले की विभिन्न जल परियोजनाओं से पेयजल के लिए आरक्षित पानी अवैध रूप से निकाला जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए 20 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए। इन टीमों में सिंचाई विभाग, बिजली वितरण कंपनी और पुलिस के कर्मचारी शामिल थे। संयुक्त टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर जांच की और अवैध जल निकासी रोकने की कार्रवाई की। कई स्थानों की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई।
इस अभियान में जामनेर तहसील सबसे आगे रही। यहां 650 स्थानों पर अवैध रूप से पानी निकालने का काम बंद कराया गया। टोंडापुर, गोंडेगांव, चिलगांव, पिंपलगांव, बिलवाड़ी, मोहाडी, शेंदुर्णी, सुनासगांव और गोदरी सहित कई गांवों की जल परियोजनाओं पर कार्रवाई की गई।
चालीसगांव तहसील में भी पानी की अवैध निकासी के कई मामले सामने आए। गिरना और मन्याड नदियों के किनारे की परियोजनाओं के साथ ब्राह्मणशेवगे, वालथन, ओधरे, पिंपरखेड़ और हटगांव सहित आसपास के इलाकों में फ्लाइंग स्क्वॉड ने कार्रवाई की। यहां 264 स्थानों पर पानी निकालने का काम बंद कराया गया।
एरंडोल तहसील में अंजनी बांध, भलगांव लघु सिंचाई परियोजना और दहीगांव बैराज के आसपास 66 स्थानों पर अवैध जल निकासी रोकी गई। वहीं, हतनूर बांध से सिंचाई के लिए बिना अनुमति पानी निकालने के 40 मामलों में कार्रवाई की गई। सुकी, अभोरा और चरथाना परियोजनाओं से भी अवैध रूप से पानी निकालने पर रोक लगाई गई।
प्रशासन का उद्देश्य पेयजल के लिए निर्धारित जल भंडारों का दुरुपयोग रोकना और उपलब्ध पानी का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी फ्लाइंग स्क्वॉड लगातार निरीक्षण करेंगे। बिना अनुमति पानी निकालने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।