IAS पूजा खेडकर (फोटो सौजन्य: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

IAS पूजा खेडकर ने कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया, बेटी के बचाव में उतरे पिता, कही ये बड़ी बात

आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर हाल ही में तब सुर्खियों में आईं जब उन्होंने पुणे में अपनी तैनाती के दौरान कथित तौर पर अलग 'केबिन' और 'स्टाफ' की मांग की थी और उसके बाद उनका अचानक वाशिम जिले में तबादला कर दिया गया।

किर्तेश ढोबले

मुंबई: आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर का मामला दिन ब दिन तूल पकड़ता जा रहा है। पूजा ने हाल ही में कथित तौर पर अलग 'केबिन' और 'स्टाफ' की मांग की थी, जिसके बाद से वह चर्चा में आई। यह विवाद बढ़ने के बाद उनका अचानक वाशिम जिले में तबादला कर दिया गया। इस बीच आरोपी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के पिता ने रविवार को उनका बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया है।

यहीं नहीं इसके बाद पूजा पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) (आठ लाख रुपये से कम वार्षिक आय) और दृष्टिबाधित श्रेणियों के तहत सिविल सेवा परीक्षा देकर और मानसिक बीमारी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके आईएएस में स्थान प्राप्त करने के आरोप भी लगे। इस पर बोलते हुए उनके पिता और महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कर्मचारी दिलीप खेडकर ने रविवार को एक मराठी समाचार चैनल से कहा कि वह वास्तव में नॉन-क्रीमी लेयर से संबंध रखते हैं।  दिलीप खेडकर ने लोकसभा चुनाव लड़ा था और उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में 40 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। उन्होंने कहा कि यदि सीमित साधनों वाला कोई व्यक्ति चार से पांच एकड़ जमीन का मालिक है, तो मूल्यांकन से पता चल सकता है कि उसकी संपत्ति कई करोड़ रुपये है।

पूजा के पिता ने क्या कहा?

दिलीप ने कहा, "हालांकि क्रीमी लेयर के रूप में वर्गीकरण (संपत्ति) मूल्यांकन के बजाय आय पर निर्भर करता है।" दिलीप ने कहा, "उसने (पूजा ने) सरकारी काम के लिए 'लग्जरी' कार का इस्तेमाल किया क्योंकि कोई सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं था। उसने प्रशासन में अपने वरिष्ठों से उचित अनुमति लेकर ऐसा किया। कार उसके रिश्तेदार की है। उसने उस पर लालबत्ती लगाकर किसी को धोखा नहीं दिया।'' पूजा के खिलाफ आरोपों में से एक यह है कि जब एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें अपने कार्यालय के रूप में अपना पूर्व कक्ष उपयोग करने की अनुमति दी, तो उन्होंने पुणे कार्यालय में उस वरिष्ठ अधिकारी की 'नेमप्लेट' हटा दी थी। दिलीप ने कहा, "उसने अपने वरिष्ठ से उचित अनुमति लेकर केबिन का इस्तेमाल किया। क्या ऐसा कहीं लिखा है कि एक युवा 'इंटर्न' महिला आईएएस को अलग केबिन नहीं दिया जाना चाहिए? अगर ऐसा लिखा है, तो मैं उसे नौकरी से इस्तीफा दिलवा दूंगा।"

दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आरोपों को लेकर क्या बोले?

दिव्यांगता प्रमाण पत्र के दुरुपयोग के आरोपों के बारे में, दिलीप ने कहा कि सरकार एक मानक स्थापित करती है ताकि किसी व्यक्ति की विकलांगता का निर्धारण किया जा सके और उनकी बेटी उन मानदंडों को पूरा करती है। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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