गोंदिया

धान खरीदी की अवधि बढ़ाना, बोनस जैसी समस्याओं पर सरकार व जनप्रतिनिधि कब जागेंगे, किसान परेशान

धान उत्पादक किसानों की समस्याओं पर सरकार और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी जारी है। धान खरीदी की लिमिट और बोनस की कमी से किसान संकट में हैं। क्या सरकार इस पर ध्यान देगी?

महाराष्ट्र डेस्क

Gondia News: खरीफ मौसम के धान उत्पादक किसानों ने सरकार द्वारा आधारभूत केंद्र पर बिक्री किए जाने में लगने वाली सभी प्रक्रियाओं को पूरी किए जाने के बाद केंद्रों पर धान भेजा जिसका मापतौल होकर केंद्र के गोदाम में धान रखा हुआ है. इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए सर्वप्रथम धान रोपाई वाले खेत में जाकर एंड्राइड मोबाइल पर ईपीक करना होता है. प्रक्रिया के अनुसार किसान धान लेकर केंद्र पर जाता है. जहां धान का मापतोल कर केंद्र में रख दिया जाता है. जब किसानों का धान आने का सही आकड़ा सरकार के पास जमा हो गया व किस केंद्र पर कितना धान आएगा इसकी जानकारी भी प्राप्त हो चुकी है.

इस अनुसार इन केंद्र चालकों को क्विंटल में खरीदी की लिमिट सीमा एक ही वक्त में देनी चाहिए लेकिन सरकार द्वारा केंद्र को 10 हजार क्विंटल खरीदी की लिमिट लगती है. तब सरकार इन्हें 5 हजार क्विंटल की खरीदी लिमिट देती है. फिर दूसरी बार 3 हजार क्विंटल की लिमिट दी जाती है. अंत में 2 हजार क्विंटल की खरीदी लिमिट नहीं दी जाती. यह खरीदी लिमिट बढ़ाकर देने में केंद्र चालकों द्वारा बताया जाता है कि जिला पणन अधिकारी के साथ लेनदेन करनी पड़ती है. जो केंद्र चालक जितना ज्यादा लेनदेन करेगा उतनी ज्यादा खरीदी लिमिट बढ़ाई जाएगी. इस तरीके से यह गोरखधंधा चल रहा है.

अब खरीदी पर लगा दिया ब्रेक सरकार के पास केंद्रों पर धान बिक्री के लिए आने की जानकारी प्राप्त हो चुकी है तब धान बिक्री के लिए केंद्र चालकों को उनके केंद्र पर दर्ज सात बारा अनुसार धान खरीदी की लिमिट क्यों नही दी जाती. दूसरी ओर सरकार ने यह भी घोषित किया प्रति एकड़ पर 16 क्विंटल धान खरीदी किया जाएगा. अब खरीदी पर ब्रेक लगा दिया गया. सरकार अपने द्वारा बनाए कानून में फंस गई है. कुछ दिनों में होगी रबी धान बिक्री खरीफ मौसम का धान सातबारह के अनुसार बिक्री नहीं हुआ है और अब रबी मौसम का धान कुछ दिनों पश्चात बिक्री के लिए तैयार होने वाला है.

इसी सातबारह पर किसानों को खरीफ मौसम का धान बेचना है. जो अभी बिक्री नहीं हुआ है. रबी मौसम में सात बारा पर खरीफ का धान बिक्री होगा तक रबी मौसम का धान बिक्री के लिए सातबारह ही नहीं है फिर रबी धान कहां बेचना यह चिंता किसानों को सता रही है.बोनस का पता नहींसरकारी खरीदी दर 2,369 प्रति क्विंटल है. जबकि राज्य के कृषि मुल्य आयोग ने केंद्रीय कृषि मुल्य आयोग को प्रति क्विंटल 4,661 रु. देने की सिफारिश की. लेकिन केंद्र सरकार 2,292 रु. प्रति क्विंटल कम दे रही है. अब किसानों का मन समाधान करने राज्य सरकार 2 हेक्टर जगह की सीमा तक प्रति हेक्टर 20 हजार रु. बोनस देने की घोषणा की है.

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