Toyagondi Waterlogging: गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील अंतर्गत टोयागोंदी से भरीटोलादड़ारी मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास लगातार बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पिछले तीन दिनों से अंडरपास में पानी भरा होने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद है। इसका सबसे अधिक खामियाजा स्कूली विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और शासकीय कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, मुंबईहावड़ा रेलमार्ग पर तीसरी रेलवे लाइन का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसी परियोजना के तहत कई स्थानों पर अंडरपास बनाए गए हैं, लेकिन उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात में ये अंडरपास लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। टोयागोंदी अंडरपास में भारी जलभराव होने से लोगों को कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।
इस लापरवाही का सबसे दुखद परिणाम तब सामने आया जब 3 जुलाई की सुबह टोयागोंदी निवासी एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे उपचार के लिए सालेकसा अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन अंडरपास में पानी भरा होने के कारण उन्हें लंबा वैकल्पिक रास्ता लेना पड़ा। रास्ते में हुई देरी के चलते युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अंडरपास चालू रहता तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर रेलवे प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही से अब तक कितने लोगों की जान जाएगी। साथ ही मृतक के परिवार को रेलवे प्रशासन और शासन की ओर से आर्थिक सहायता देने की मांग भी जोर पकड़ रही है। बॉक्सतहसील के कई गांवों का संपर्क भी टूटा लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सालेकसा तहसील के कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है। दागोटोलासलंगटोला मार्ग बंद है, धानोलीपिपरटोला पुल पर लगभग चार फीट पानी बह रहा है, जोशीटोलाइसनाटोला मार्ग बंद पड़ा है तथा बोदलबोडीगोविंदपुर सड़क की हालत बेहद खराब होने से वहां भी आवागमन प्रभावित है।
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इन मार्गों के बंद होने से स्कूली विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला परिषद व प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है।
रेलवे प्रशासन यदि जल्द ही अंडरपास से पानी निकालने और स्थायी समाधान की व्यवस्था नहीं करता है तो क्षेत्र की जनता को मजबूर होकर रेल रोको आंदोलन करना पड़ेगा। बरसात के दौरान हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता। अब लोगों के धैर्य की परीक्षा नहीं ली जाए, अन्यथा व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।