गोंदिया महिला अस्पताल- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया) 
गोंदिया

गोंदिया महिला अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा प्रभावित, गर्भवती महिलाओं को निजी जांच का सहारा

Sonography Service Issue: गोंदिया के बाई गंगाबाई महिला अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा नियमित नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आंचल लोखंडे

Gondia Women Hospital: गोंदिया शहर के बाई गंगाबाई महिला अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यक जांच समय पर नहीं हो पाने से मरीजों और उनके परिजनों को मजबूरन निजी सोनोग्राफी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है, जहां प्रत्येक जांच के लिए 2,000 से 2,500 रु. तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास, स्वास्थ्य की स्थिति तथा संभावित जटिलताओं का समय रहते पता लगाने के लिए सोनोग्राफी बेहद महत्वपूर्ण जांच है। लेकिन सरकारी अस्पताल में यह सुविधा प्रभावित होने से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें जांच के लिए निजी केंद्रों तक जाने, यात्रा खर्च उठाने और बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ग्रामीण गर्भवती महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 सोनोग्राफी किए जाने की आवश्यकता होती है, जबकि सामान्य दिनों में भी औसतन 40 से 45 जांचें ही हो पाती हैं। वहीं पिछले आठ दिनों से सेवा प्रभावित रहने के कारण मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। समय पर जांच नहीं होने से कुछ गर्भवती महिलाओं के उपचार पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। आर्थिक तंगी के चलते कई परिवार सोनोग्राफी जांच को टालने के लिए मजबूर हैं।

मशीन अच्छी है, तकनीशियन की समस्या है

गोंदिया शासकीय मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ.  कुसुमाकर घोरपडे ने कहा कि बाई गंगाबाई महिला अस्पताल में सोनोग्राफी सेवा पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि नियमित रूप से संचालित की जा रही है।

अस्पताल में केवल एक सोनोग्राफी टेक्निशियन कार्यरत है, जिसके पास अन्य अस्पतालों की भी जिम्मेदारी है। इसी कारण कभी-कभी तकनीकी और मानव संसाधन संबंधी कठिनाइयां आती है। गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जा रही है और मरीजों को असुविधा न हो, इसके लिए समय-समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती है।

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