गोंदिया शिक्षक आंदोलन (सोर्सः सोशल मीडिया)
गोंदिया

गोंदिया में लंबित मांगों को लेकर शिक्षक समिति का विभाग को अल्टीमेटम, 5 सितंबर तक निर्णय नहीं तो 8 को धरना

Gondia Teachers Protest: गोंदिया में प्राथमिक शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति ने आंदोलन की चेतावनी दी है। 5 सितंबर तक निर्णय नहीं हुआ तो 8 सितंबर को धरना होगा।

आंचल लोखंडे

Gondia Education Department: गोंदिया जिले के प्राथमिक शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों की ओर शिक्षा विभाग द्वारा लगातार की जा रही उपेक्षा के विरोध में महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति ने आक्रामक रुख अपनाया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों की प्रलंबित मांगों पर 5 सितंबर तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 8 सितंबर को जिला परिषद गोंदिया कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना आंदोलन किया जाएगा।

शिक्षक समिति के जिलाध्यक्ष संदीप तिडके ने बताया कि शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर 6 अप्रैल 2026 को समिति की ओर से बेमियादी श्रृंखलाबद्ध अनशन आंदोलन किया गया था। उस समय प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन स्थगित किया गया था। इसके बावजूद अनेक महत्वपूर्ण मांगें आज भी लंबित हैं। बार-बार निवेदन देने, चर्चा करने और लगातार पत्राचार के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप समिति ने लगाया है।

ये है मांगे

समिति ने प्राथमिक शिक्षकों को एकस्तर पदोन्नति के अंतर्गत एस-14 वेतनश्रेणी लागू करने, 12 व 24 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों को उनकी मूल नियुक्ति तिथि से चट्टोपाध्याय व चयन वेतनश्रेणी का लाभ देने तथा स्नातक विषय शिक्षकों को सरसकट स्नातक वेतनश्रेणी का लाभ देने की मांग की है।

इसके अलावा पूर्व चयन वेतनश्रेणी सूची से वंचित रह गए 19 शिक्षकों को तत्काल चयन वेतनश्रेणी का लाभ देने, आदिवासी उपाययोजना के अंतर्गत नए शामिल गांवों के शिक्षकों को एकस्तर वेतनश्रेणी का लाभ देने तथा चयन वेतनश्रेणी और चट्टोपाध्याय वेतनश्रेणी के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की गई है। अपूर्ण पाठ्यपुस्तक प्राप्त करने वाली शालाओं को आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराने, शिक्षकों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का तत्काल निपटारा करने तथा लंबित सेवासातत्य प्रकरणों को हल करने की भी मांग उठाई गई है।

आवश्यक भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराए

समिति ने शिक्षक हटिले के साथ हुए अन्याय को दूर कर उन्हें न्याय देने, अतिरिक्त घरभाड़ा भत्ते की लंबित बकाया राशि का भुगतान करने, शिक्षकों की जीपीएफ प्रक्रिया को ऑनलाइन पूर्ण करने तथा 16वें वित्त आयोग से शालाओं को आवश्यक भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित में आवश्यक कक्षाओं के निर्माण के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध कराने और शालेय पोषण आहार योजना के अंतर्गत एफएसएसएआई पंजीयन अनिवार्य नहीं करने की मांग भी की गई है। इन मांगों को लेकर जिप अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी तथा शिक्षाधिकारी, गोंदिया को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति के पदाधिकारी व शिक्षक उपस्थित थे।

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