गोंदिया जिले में सरकारी धान खरीदी केंद्र शुरू करने के लिए शासन ने 16 अक्टूबर को आदेश जारी किए।
इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।
सरकारी खरीदी शुरू नहीं होने से किसान निजी व्यापारियों को लगभग 2,000 रुपए प्रति क्विंटल धान बेचने को मजबूर थे।
Gondia Farmers: खरीफ सीजन में धान की फसल तैयार होने और बाजार में हल्के धान की आवक शुरू होने के बावजूद सरकारी खरीदी केंद्र शुरू नहीं होने से जिले के धान उत्पादक किसानों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। अक्टूबर का आधा महीना बीत जाने के बाद भी खरीदी की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। निजी व्यापारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर कम दाम पर धान खरीद रहे थे। आखिरकार किसानों की बढ़ती नाराजगी के बाद शासन ने 16 अक्टूबर को सरकारी धान खरीदी केंद्र शुरू करने के आदेश जारी किए।
इससे जिले के धान उत्पादक किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। शासन की ओर से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाता है। इसका उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर पर धान बेचने की नौबत से बचाना है। जिले में बड़ी संख्या में किसान खरीफ सीजन में हल्के और भारी धान की खेती करते हैं। हल्के धान की फसल दिवाली से पहले तैयार हो जाती है। किसान इस धान को बेचकर खेती के खर्च, उधारी और दिवाली की जरूरतें पूरी करते हैं।
लेकिन इस वर्ष सरकारी खरीदी में देरी होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। शासन ने इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रु. प्रति क्विंटल घोषित किया है। इसके बावजूद सरकारी खरीदी केंद्र शुरू नहीं होने के कारण किसानों को निजी व्यापारियों के पास जाना पड़ रहा था। निजी व्यापारी लगभग 2,000 रु. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहे थे। इस तरह किसानों को प्रति क्विंटल करीब 441 रु. का नुकसान हो रहा था। कुछ मामलों में नुकसान 400 से 500 रु. प्रति क्विंटल तक बताया जा रहा है।
पहले से ही मौसम की अनिश्चितता और फसल संबंधी समस्याओं से जूझ रहे किसानों के लिए यह नुकसान चिंता का विषय बन गया था। किसानों को उम्मीद थी कि समय पर सरकारी खरीदी शुरू होगी और उन्हें समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा।
जिला मार्केटिंग फेडरेशन अधिकारी मनोज बापजेयी ने कहा कि सोमवार से किसानों के ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया शुरू होगी। फेडरेशन के सभी 194 केंद्रों पर धान खरीदी की जाएगी। खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक सावधानी बरती जा रही है।