Highlights:
मार्च 2026 में स्वीकृत गोंदिया-जबलपुर दोहरीकरण परियोजना की लंबाई 231 किमी है।
परियोजना का लगभग 213 किमी हिस्सा मध्यप्रदेश और 18 किमी हिस्सा महाराष्ट्र में है।
गोंदिया-बालाघाट, बालाघाट-नैनपुर और नैनपुर-जबलपुर रेलखंड परियोजना में शामिल हैं।
Gondia Jabalpur Railway Project: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण गोंदिया-जबलपुर दोहरीकरण परियोजना पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मार्च 2026 में 5,235.79 करोड़ की लागत से स्वीकृत 231 किमी लंबी यह परियोजना महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश के रेल संपर्क को नई मजबूती प्रदान करेगी।
परियोजना का लगभग 213 किमी. हिस्सा मध्यप्रदेश तथा 18 किमी हिस्सा महाराष्ट्र में स्थित है। इससे रेलखंड की क्षमता बढ़ने के साथ यात्री व मालगाड़ियों का परिचालन अधिक सुगम होगा तथा उत्तर और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी।
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शेख समी उर रहमान ने इस परियोजना के संबंध कहा कि गोंदिया-जबलपुर दोहरीकरण परियोजना क्षेत्र के रेल बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल उत्तर और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क सुदृढ़ होगा, बल्कि बालाघाट, सिवनी, मंडला और जबलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों, किसानों, उद्योगों व व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। रेलवे परियोजना को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस परियोजना में गोंदिया-बालाघाट (42 किमी), बालाघाट-नैनपुर (82.40 किमी) तथा नैनपुर-जबलपुर (106.80 किमी) रेलखंड शामिल हैं। इस रेलखंड पर कुल 23 स्टेशन हैं। गोंदिया, प्रतापबाग, बिरसोला, हट्टा रोड, बालाघाट, धापेवाड़ा, समनापुर, चरेगांव, लामटा, नगरवाड़ा, पाद्रीगंज, नैनपुर, पिंडरई, निधानी, घंसौर, बिनैकी, शिकारा, सुकरीमंगेला, बरगी, चारघाट पिपरिया, ग्वारीघाट, गढ़ा व कछपुरा। का समावेश है।
परियोजना की तैयारियों के अंतर्गत पूरे मार्ग का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। परियोजना में कुल 507 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, लगभग सभी के सामान्य व्यवस्था आरेख तैयार किए जा चुके हैं। इसी प्रकार, 23 में से 21 स्टेशनों के यार्ड प्लान भी तैयार हो गए हैं व बाकी के तैयार किए जा रहे हैं।
रेल परियोजना के अंतर्गत 10 नए स्टेशन भवनों का निर्माण किया जाएगा तथा 31 स्थानों पर बिजली, पानी सहित अन्य सेवाओं का स्थानांतरण किया जाएगा। निजी भूमि अधिग्रहण, शासकीय भूमि हस्तांतरण व वन्यजीव संबंधी स्वीकृतियों की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है। बालाघाट-नैनपुर व नैनपुर-जबलपुर खंडों के कार्यों की निविदा वन व वन्यजीव संबंधी स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद जारी की जाएगी।
गोंदिया-जबलपुर रेलखंड के दोहरीकरण से रेल लाइन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे अधिक संख्या में यात्री व मालगाड़ियों का परिचालन संभव होगा तथा बाधारहित परिचालन सुनिश्चित होगा। यह रेलखंड गोंदिया में हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग तथा जबलपुर में इटारसी-वाराणसी रेलमार्ग से जुड़ता है।
इस प्रकार यह वाराणसी व प्रयागराज को चेन्नई, बेंगलुरु तथा हैदराबाद से जोड़ने वाले सबसे छोटे रेल मार्ग के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दोहरीकरण से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा तथा यात्रियों व माल परिवहन को बेहतर सुविधा मिलेगी।