गोंदिया बोरवेल खुदाई पर प्रतिबंध  (सोर्सः सोशल मीडिया)
गोंदिया

गोंदिया में भूजल स्तर गिरा, जलसंकट से निपटने के लिए बोरवेल खुदाई पर प्रतिबंध

Gondia Borewell Digging Ban: गोंदिया में संभावित जलसंकट और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जिलाधिकारी मंदार पत्की ने नए बोरवेल खोदने और मौजूदा बोरवेल को गहरा करने पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया है।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • गोंदिया जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नए बोरवेल खोदने तथा मौजूदा बोरवेल को गहरा करने पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगाया गया है।

  • भूजल सर्वेक्षण एवं विकास एजेंसी की रिपोर्ट में जिले के 106 गांवों में संभावित जलसंकट की चेतावनी दी गई है।

  • सूखा आकलन प्रक्रिया के तहत ट्रिगर-1 और ट्रिगर-2 लागू क्षेत्रों में जिले की आठ तहसीलें शामिल हैं।

Gondia Groundwater Level: गोंदिया जिले में संभावित जलसंकट को देखते हुए भूजल स्रोतों के संरक्षण के लिए संपूर्ण शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में नए बोरवेल खोदने तथा मौजूदा बोरवेल को और गहरा करने पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया गया है।

हालांकि, सरकारी एजेंसियों द्वारा जलसंकट दूर करने और सार्वजनिक पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए जाने वाले कार्यों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष मंदार पत्की ने आदेश जारी किए हैं। सरकारी जलसंकट निवारण कार्यों को इससे छूट दी गई है।

गंभीर हो सकती स्थिति

जिले में वर्ष 2026 के मानसून के दौरान अपर्याप्त बारिश, अल-नीनो के संभावित प्रभाव और जलाशयों में कम जल भंडारण को देखते हुए आगामी दिनों में जलसंकट की स्थिति गंभीर होने की आशंका है। राहत व पुनर्वास विभाग की सूखा आकलन प्रक्रिया के तहत ट्रिगर-1 और ट्रिगर-2 लागू किए गए क्षेत्रों में गोंदिया जिले के आठ तहसील शामिल हैं। वहीं, वरिष्ठ भूवैज्ञानिक, भूजल सर्वेक्षण व विकास एजेंसी, गोंदिया की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है।

106 गांव पर प्रभाव

रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 106 गांवों में संभावित जलसंकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी पृष्ठभूमि में भूजल स्रोतों का संरक्षण, सार्वजनिक पेयजल स्त्रोतों पर अतिरिक्त दबाव कम करने और संभावित जलसंकट को रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 और 34 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है।

दंडात्मक और फौजदारी कार्रवाई का निर्णय

प्रतिबंध के बावजूद बोरवेल खुदाई जारी पाए जाने पर सक्षम अधिकारियों को तत्काल काम बंद कराने और मौके का पंचनामा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, घटनास्थल की तस्वीरें लेकर संबंधिता मालिक, ठेकेदार और मशीन ऑपरेटर का विवरण दर्ज किया जाएगा।

आदेश का उल्लंघन करने या इसके क्रियान्वयन में बाधा डालने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51, महाराष्ट्र भूजल अधिनियम, 2009 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत नियमानुसार दंडात्मक और फौजदारी कार्रवाई की जाएगी।

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