Gondia Road Repair Demand Through Yoga: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जहां पूरे देश में लोग सेहत और तंदुरुस्ती का संदेश देने के लिए सामूहिक योग कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे, वहीं गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव में एक बेहद अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां के युवाओं ने प्रशासन और सरकार की नींद उड़ाने तथा बदहाल बुनियादी ढांचे की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में बैठकर योग किया। इस अनोखे और रचनात्मक आंदोलन की पूरे परिसर में जमकर चर्चा हो रही है।
यह अनूठा प्रदर्शन राजे छत्रपति ग्रुप युवा मोर्चा के बैनर तले किया गया। अर्जुनी शहर से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित अर्जुनी-महुरकुड़ा-महागांव-बोरी मार्ग पिछले काफी समय से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। पूरी सड़क पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हो चुके हैं, जिससे राहगीरों का चलना दूभर हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, इस मुख्य मार्ग पर गड्ढों का आकार इतना बड़ा हो चुका है कि दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीण इलाकों की जीवनरेखा कही जाने वाली बैलगाड़ियों को भी इस मार्ग से ले जाना अब बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। अर्जुनी शहर कि सड़क की इस जर्जर स्थिति के कारण आए दिन यहां छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें कई लोग चोटिल हो चुके हैं। लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में कई बार लिखित ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
प्रशासन की इसी अनदेखी और कछुआ चाल से नाराज होकर राजे छत्रपति ग्रुप युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने योग दिवस को विरोध के हथियार के रूप में चुना। युवाओं ने बीच सड़क पर बने गहरे गड्ढों के भीतर बैठकर प्राणायाम और आसन किए, ताकि संबंधित विभाग की आंखें खुल सकें।
यह भी पढ़ें:- ठाणे के मुंबई-वडोदरा NH पर जन्मदिन की खुशी मातम में बदली; BMW हादसे में फुटबॉलर योगेश नेगी ने गवाईं जान
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अर्जुनी-बोरी मार्ग की तुरंत मरम्मत नहीं कराई गई, तो आने वाले दिनों में स्थानीय नागरिकों को एकजुट कर इससे भी अधिक उग्र और तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।