गोंदिया स्वास्थ्य प्रशिक्षण अभियान (सोर्सः सोशल मीडिया)
गोंदिया

गोंदिया के 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू

Gondia Health Training Campaign: गोंदिया जिले के 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा (CPHC) पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • गोंदिया जिले के सभी 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा (CPHC) पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानपुर से जिलेस्तरीय प्रशिक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया।

  • अब तक गोंदिया, गोरेगांव और तिरोड़ा तहसीलों की 18 स्वास्थ्य संस्थाओं के 966 स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मचारियों और आशा स्वयंसेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।

Gondia Primary Health Center: ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सर्वसमावेशी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गोंदिया जिले में व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की संकल्पना तथा राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले के सभी 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 'समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा' (सीपीएचसी) विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार और जिला शल्य चिकित्सक डॉ. पुरुषोत्तम पटले के हस्ते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानपुर से इस अभियान का जिलास्तरीय शुभारंभ किया गया। जिला शल्य चिकित्सक डॉ. पुरुषोत्तम पटले, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार, अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. तृप्ति कटरे, सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंदकुमार वाघमारे तथा जिला प्रशिक्षण केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश बेलमकर के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण को गति

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत आरोग्य मंदिर और आयुष्मान आरोग्यवर्धिनी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिले में समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण को गति मिली है।

प्रशिक्षण सत्रों के तहत अब तक गोंदिया, गोरेगांव और तिरोड़ा तहसीलों की 18 स्वास्थ्य संस्थाओं के कुल 966 स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मचारियों और आशा स्वयंसेविकाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह जानकारी जिला प्रशिक्षण केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश बेलमकर ने दी। डॉ. अरविंदकुमार वाघमारे ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। डॉ. तृप्ति कटरे ने कहा कि जमीनी स्तर पर आयोजित इस प्रशिक्षण से गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधारने और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में मदद होगी।

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण

प्रशिक्षण शिविरों में जिला प्रशिक्षण केंद्र के चिकित्सा अधिकारी तथा जिला माता व बाल संगोपन अधिकारी डॉ. राजेश बेलमकर, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन उईके, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल आटे, सालेकसा के तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित खोडणकर, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमिता नरडेले और डॉ. सुजाता ताराम, समुदाय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चंदन रंगारी और डॉ. मनीषा येडे तथा मानसिक रोग विशेषज्ञ दीपक आगुलवार मार्गदर्शन कर रहे हैं।

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