Koka Wildlife Sanctuary: नवेगांवनागझिरा टाइगर रिजर्व के नागझिरा खंड अंतर्गत कोका वन्यजीव अभयारण्य के बफर क्षेत्र में वन्यजीवों के बीच हुए संघर्ष में एक नर भालू की मौत हो गई। घटना भंडारा तहसील के मंडनगांव क्षेत्र में सामने आई, जहां नियमित गश्त के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों ने भालू को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा।
वनरक्षक ए.सी. हटकर और सुरक्षा कर्मी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। सुबह करीब 8 बजे उन्हें वन्यजीवों के संघर्ष जैसी आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर गट क्रमांक 206 के समीप नाले में एक भालू तड़पता हुआ दिखाई दिया। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। जांच में मृत भालू की आयु लगभग 5 वर्ष पाई गई। घटना की जानकारी क्षेत्र संचालक पियुषा जगताप तथा उपसंचालक प्रितमसिंग कोडापे को दी गई।
उनके मार्गदर्शन में सहायक वनसंरक्षक कोका सुहास कांबले तथा वनपरिक्षेत्र अधिकारी सुरजकुमार गोखले तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के दौरान भालू के गुप्तांग पर गंभीर चोट पाई गई। आसपास निरीक्षण करने पर गट क्रमांक 206 के निकट पगडंडी पर अंडकोष अलग अवस्था में मिला तथा वहां रक्त फैला हुआ था। दिशानिर्देशों के तहत जांच जारीसमीप पलाश की झाड़ियों की पत्तियों और तनों पर भी खून के धब्बे, झाड़ियों पर संघर्ष के चिन्ह तथा अन्य साक्ष्य पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया मामला वन्यजीवों के आपसी संघर्ष का माना जा रहा है।
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मृत भालू का शव परीक्षण एनटीसीए प्रतिनिधि शैलेश राजपूत, मुख्य वन्यजीव रक्षक के प्रतिनिधि पंकज देशमुख, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम गुरवे, पशु चिकित्सक मेघराज तुलावी सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। वन विभाग के अनुसार राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एनटीसीए के दिशानिर्देशों के तहत मामले की विस्तृत जांच जारी है। साथ ही संघर्ष में शामिल दूसरे वन्यजीव की तलाश भी की जा रही है।