Jairampur Farmers Protest: गडचिरोली जिले की चामोर्शी तहसील के जयरामपुर क्षेत्र के 13 गांवों के किसानों ने प्रस्तावित एमआईडीसी के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन तेज कर दिया है। पहले जहां किसान धार्मिक परंपरा के तहत मंगलवार को 'पोलो' के रूप में मनाते थे, वहीं अब इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक मंगलवार को 'खेती बचाओ मंगलवार' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत किसान सभी कामकाज बंद रखकर गांव-गांव पदयात्रा (दिंडी) निकालेंगे और भूमि अधिग्रहण रद्द करने की मांग को बुलंद करेंगे, आषाढ़ी पर्व के अवसर पर प्रस्तावित एमआईडीसी भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने बड़ा जनआंदोलन आयोजित किया। जयरामपुर क्षेत्र के सभी 13 गांवों के नागरिकों ने अपने-अपने गांवों में पदयात्रा निकालकर आंदोलन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
किसानों ने घोषणा की कि, अब प्रत्येक मंगलवार का दिन खेती बचाने के संघर्ष के लिए समर्पित करेंगे और इस दिन कोई अन्य कार्य नहीं करेंगे, इस अवसर पर जयरामपुर, मुधोली चक क्रमांक-2, मुधोली तुकूम, गणपूर रैयत, विठ्ठलपुर, लक्ष्मणपुर, दुर्गापुर, चित्तरंजनपुर, सेल्लूर, किष्टापुर तथा अड्याल सहित सभी गांवों में बैनर, तख्तियां और नारों के साथ विशाल पदयात्राएं निकाली गई।
इनमें किसान, महिलाएं, युवा, वरिष्ठ नागरिक और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित हुए थे। एमआईडीसी खारिज करों, खेती बचाओ के नारेः पदयात्रा के दौरान एमआईडीसी रद्द करो, कंपनी नहीं, खेती चाहिए, मेरी खेती, मेरी पहचान, जमीन हमारी, फैसला हमारा, मातृभूमि का सौदा मंजूर नहीं तथा किसान एकता जिंदाबाद जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
किसानों ने कहा कि, खेती ही इस क्षेत्र के हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है और वे किसी भी परिस्थिति में अपनी उपजाऊ भूमि उद्योगों के लिए नहीं देंगे। आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए प्रत्येक मंगलवार को गांव-गांव जनजागरण अभियान, पदयात्राएं, बैठकें तथा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
किसानों ने सरकार से प्रस्तावित एमआईडीसी भूमि अधिग्रहण को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। आषाढ़ी पर्व के अवसर पर हुए इस किसान आंदोलन से जयरामपुर क्षेत्र में चल रहे विरोध प्रदर्शन को नई ऊर्जा और व्यापक जनसमर्थन मिला है।
भूमि अधिग्रहण के विरोध में सभी 13 गांवों में जनआक्रोश रैली निकाली गई, रैली में महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि, सरकार किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए भूमि अधिग्रहण का निर्णय वापस ले। साथ ही नागरिकों ने अपनी कृषि भूमि की रक्षा के लिए अंतिम समय तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी व्यक्त किया।