Gadchiroli Forest Department: वन्यजीवों का शिकार करने के लिए जंगल में घात लगाकर बैठे एकशिकारी गिरोह को पकड़ने में आलापल्ली वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। रविवार शाम की गई इस कार्रवाई में 12 शिकारी गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं उनके पास से महाराष्ट्र के राज्य प्राणी शेकरू समेत अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय शिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
वनविभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम आलापल्ली वन परिक्षेत्र के जंगल में कुछ लोगों के शिकार के उद्देश्य से छिपे होने की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी गौरव गणवीर के नेतृत्व में गश्त दल ने तुरंत इलाके में जाल बिछाया, जैसे ही वनविभाग की टीम वहां पहुंची, शिकारी भागने लगे, लेकिन सतर्क दल ने पीछा कर सभी 12 आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान चौंकाने वाले साक्ष्य मिले।
आरोपियों के पास से चार शेकरू, एक उड़ने वाली गिलहरी, एक हरीनाल पक्षी तथा उल्लू प्रजाति के पक्षियों के अवशेष और अन्य सामग्री बरामद की गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गंभीर मामले दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई आलापल्ली की उपवनसंरक्षक दीपाली तलमले और उपविभागीय वन अधिकारी शिवपाल पवार के मार्गदर्शन में की गई। इस कार्रवाई में क्षेत्र सहायक पुन्नमचंद बुधवार, वनरक्षक दत्ता सुरवसे, निलेश टेकाम, सुधाकर सोयाम, सुरेश मडावी, श्याम जंगमवार, नामाजी मडावी और देवाजी सलामे सहित अन्य कर्मचारी शामिल हुए थे।
दुर्लभ वन्यजीवों का शिकार करने के मामले में वनविभाग ने 12 शिकारियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में सुनील किशन नरोटी (24), रामा घिसो धुर्वा (46), बबलू दानु आतलामी (22), नागेश टोकरा हिचामी (27), देसु मुन्शी गावडे (53), सैनु गंगलू नरोटी (50), बालाजी तोदे पदा (23), चंदू घिसा दुर्वा (53), रमेश चैता आतलामी (36), विलास दानु आतलामी (26), बंडू फकरी तलांडी (38) समेत एक नाबालिग का समावेश है।
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गड़चिरोली यह जिला पूरी तरह जंगल से घिरा हुआ है। वहीं इस जिले में विभिन्न प्रजाति के वन्यजीवों की संख्या भी बड़े पैमाने पर है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों की कालावधि से इस जिले में वन्यजीवों का शिकार होने के मामले उजागर हो रहे है। जिले में बाघ, तेंदुआ जैसे हिसंक पशुओं के शिकार की घटनाएं भी उजागर हुई। ऐसे में अब राज्य का राज्य प्राणी शेकरू समेत अन्य दुर्लभ वन्यजीवों का शिकार होने का मामला सामने आने से वनविभाग को अधिक अलर्ट होने की आवश्यकता होने की बात कही जा रही है।