Gadchiroli Municipal Corporation: मूसलाधार बारिश और अतिवृष्टी के चलते जर्जर मकान गिरकर जनहानि होने की गंभीर संभावना के मद्देनजर गडचिरोली नगर परिषद द्वारा शहर के सभी वार्डों में सर्वेक्षण किया गया। नप के सर्वेक्षण में शहर के विभिन्न वार्डों में करीब 156 मकान जर्जर अवस्था में दिखाई दिये। जिसके बाद नगर परिषद प्रशासन ने संबंधित मकान मालिकों को नोटिस भिजवाकर जर्जर मकान गिराने अथवा जर्जर मकानों में रहनेवाले परिवारों को अन्य जगह पर स्थलांतरण करने की सूचना दी गई है।
लेकिन अब तक न तो जर्जर मकान गिराए गए है, और न ही मकानों में रहनेवाले परिवार अन्य जगहों पर स्थलांतरण हुए है। ऐसे में बरसात का मौसम शुरू होकर आए दिन बारिश होने से संबंधित मकानों में रहनेवाले परिवारों पर मौत मंडराने की बात कही जा रही है। वहीं आनेवाले दिनों में मूसलाधार बारिश होकर अतिवृष्टी से बडी दुर्घटना होने की संभावना भी नकारी नहीं जा सकती है। जिससे संबंधित विभाग को विशेष उपाययोजना करने की आवश्यकता होने की बात कही जा रही है।
प्रति वर्ष बरसात के पहले नगर परिषद द्वारा गडचिरोली शहर के वार्डों में सर्वे कर जीर्ण इमारतों की जानकारी हासिल की जाती है। जिसके बाद संबंधित मकान मालिकों को नोटिस भिजाकर तत्काल जीर्ण हुए मकान गिराने की सूचना दी जाती है। बावजूद इसके संबंधित मकान मालिक नगर परिषद की नोटिस को अनदेखा कर मकान नहीं गिरा रहे है। भीषण दुर्घटना होने की संभावना जताई जा रही है। पिछले अनेक वर्षों से नगर परिषद द्वारा भिजवाई नोटिस की ओर नजरअंदाज किया जा रहा है। जिससे नप को कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता होने की बात कही जा रही है।
गडचिरोली यह जिला मुख्यालय होने के कारण अनेक लोग रोजगार पाने के लिये ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र से आते है। वहीं कुछ लोग तो बाहर जिले अथवा बाहर राज्यों से आकर गडचिरोली में बस गये है। यह लोग शहर के विभिन्न वार्डों में किराए से मकान लेकर और विभिन्न तरह का व्यवसाय कर अपना जीवनयापन कर रहे है। लेकिन इनमें से अधिकत्तर लोग कम किराए देने के चक्कर में जर्जर मकानों में किराए से रह रहे है। जिससे ऐसे लोगों पर खतरा मंडराने की संभावना बनी रहती है।
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गडचिरोली नप मुख्याधिकारी सूर्यकांत पिदुरकर ने बाताया की नगर परिषद द्वारा प्रति वर्ष शहर के जर्जर मकानों का सर्वेक्षण कर संबंधित मकान मालिकों को नोटिस भिजवाकर जर्जर मकान गिराने की सूचना दी जाती है। इस वर्ष भी सर्वे करने के बाद मकान मालिकों को नोटिस भिजवायी गई है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गयां कि, जानलेवा बने मकान तत्काल गिराए, यदि कोई मकान मालिक मकान गिराने में असमर्थ है तो, नगर परिषद शुल्क वसूल कर मकान गिराने में सहायता करेगा। बावजूद इसके यदि कोई जर्जर कमान नहीं गिरा है तो, होनेवाली दुर्घटना को वह स्वयं ही जिम्मेदार रहेगा। साथ ही संबंधित मकान मालिक अथवा किराएदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।