Gadchiroli Tourism Circuits: गड़चिरोली जिले के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और विशिष्ट पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से 23 से 28 सितंबर 2026 तक जिले में पर्यटन महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव के प्रभावी आयोजन के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ नियोजनबद्ध तैयारी करें, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने दिए। पर्यटन महोत्सव की पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा की अध्यक्षता में नियोजन बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, अपर जिलाधिकारी नितीन गावंडे समेत वन, राजस्व, पर्यटन एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में पर्यटन को किसी एक स्थान तक सीमित न रखते हुए पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण-इन चार क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़कर चार पर्यटन सर्किट विकसित किए जाएं। इससे जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों को एक साथ जोड़कर पर्यटन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा सकेगा।
इसके तहत उत्तर सर्किट में टिपागड़, मेंढालेखा, झाड़ापापड़ा और आरतोंडी, जबकि दक्षिण सर्किट में फॉसिल पार्क, कमलापुर हाथी कैंप और सोमनूर क्षेत्र को शामिल किया गया है। वहीं पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्रों में भामरागड़ त्रिवेणी संगम, हेमलकसा, मार्कंडा, चिचडोह बैरेज, चपराला अभयारण्य तथा वनविभाग द्वारा विकसित धनुरा और सेमाना क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।
महोत्सव में नागरिकों के साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों की बड़े पैमाने पर भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। राष्ट्रीय सेवा योजना, नेहरू युवा केंद्र तथा स्थानीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। पर्यटन स्थलों की पहचान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए ट्रेकिंग, नेचर वॉक, रोल्स प्रतियोगिता, फोटोग्राफी प्रतियोगिता तथा पर्यटन संबंधी जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
जिले की प्राकृतिक संपदा और इको टूरिज्म की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सेमाना, मार्कंडा और सिरोंचा क्षेत्र में नाइट कैंपिंग, बोटिंग तथा साइंस पार्क भ्रमण जैसी गतिविधियां भी आयोजित करने की योजना है। जिलाधिकारी ने कहा कि, पर्यटन महोत्सव केवल कुछ दिनों का आयोजन बनकर न रह जाए, बल्कि जिले के पर्यटन स्थलों की पहचान स्थापित करने और भविष्य में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला प्रभावी उपक्रम बने। इसके लिए प्रत्येक पर्यटन स्थल की विशेषता को प्रभावी ढंग से पर्यटकों के सामने प्रस्तुत किया जाए।