Gadchiroli Illegal Liquor Women Action: गड़चिरोली के येरकड स्थित पोटावी टोला में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा संभाला।
पुलिस, मुक्तिपथ और शक्तिपथ संगठन की संयुक्त कार्रवाई में 20 लीटर शराब और संबंधित सामग्री जब्त की गई।
गड़चिरोली में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ अब महिलाएं सीधे मैदान में उतर आई हैं। धानोरा तहसील के येरकड (पोटावी टोला) में महिलाओं ने पुलिस और मुक्तिपथ के साथ मिलकर शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की। तलाशी अभियान के दौरान एक शराब विक्रेता के घर से 20 लीटर अवैध शराब और संबंधित सामग्री बरामद की गई। मामले में आरोपी के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।
धानोरा तहसील के येरकड (पोटावी टोला) में अवैध शराब बिक्री को लेकर टवेटोला की महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। पुलिस विभाग, मुक्तिपथ और टवेटोला के शक्तिपथ संगठन की महिलाओं ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान शराब विक्रेता मान्चू साहंगू पोटावी के पास से 20 लीटर अवैध शराब तथा शराब बिक्री से संबंधित सामग्री जब्त की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
17 और 18 सितंबर को टवेटोला में मुक्तिपथ की ओर से दो दिवसीय सघन जनसंपर्क अभियान चलाया गया। पहले दिन आयोजित बैठक में महिलाओं ने बताया कि टवेटोला गांव में शराब बिक्री पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद नशे के आदी लोग पास के पोटावी टोला में जाकर शराब पीते हैं।
महिलाओं का कहना था कि इसका असर टवेटोला गांव पर भी पड़ रहा है और गांव में सामाजिक परेशानी बढ़ रही है। समस्या पर नियंत्रण के लिए महिलाओं ने शराब बिक्री के खिलाफ अहिंसक कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
गड़चिरोली जिले में बैठक में गांव की महिलाओं ने नियमित रूप से अवैध शराब बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने का संकल्प लिया। इस पहल को गांव के पुरुषों ने भी अपना समर्थन दिया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शक्तिपथ संगठन की महिलाओं ने खेत-खलिहान क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान एक विक्रेता के घर से शराब और संबंधित सामग्री बरामद हुई। इसके बाद सामान जब्त कर पुलिस की मौजूदगी में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब विक्रेताओं के बीच हलचल बढ़ने की बात सामने आई है। महिलाओं ने अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए हर दो दिन में नियमित रूप से अहिंसक अभियान चलाने का संकल्प लिया है।
यह कार्रवाई येरकड पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी आकाश नेहे, PSI वांडेकर और उनकी टीम की उपस्थिति में की गई। अब पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।