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गड़चिरोली जिले में 2 प्रमुख मेमू ट्रेनों का विस्तार आरमोरी स्टेशन तक करने की योजना की खबर है।
लगभग 20 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन पर सुरक्षा निरीक्षण और हाई-स्पीड ट्रायल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
एसईसीआर या नागपुर मंडल की ओर से ट्रेन विस्तार की आधिकारिक घोषणा होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
Gadchiroli Train Service: सघन वनों, बहती नदियों और अकूत खनिज संपदा को अपनी आगोश में समेटे विदर्भ का ऐतिहासिक गड़चिरोली जिला अब पिछड़ेपन की बेड़ियों को तोड़कर विकास की नई बुलंदियों की ओर कदम बढ़ा रहा है। आजादी के 7 दशकों से अधिक समय के बाद भी ट्रेन की धड़कन भरी आवाज सुनने के लिए स्थानीय आदिवासियों और नागरिकों की पीढ़ियों ने एक लंबा इंतजार किया, वह सपना अब साकार होने जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) द्वारा 2 प्रमुख मेमू यात्री ट्रेनों का विस्तार आरमोरी स्टेशन तक करने की योजना तैयार की है। हालांकि जोन या नागपुर मंडल की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अब वह ऐतिहासिक घड़ी बेहद करीब है जब गड़चिरोली की खूबसूरत वादियों में प्रतिदिन ट्रेन की सीटी गूंजेगी।
परियोजना के तहत आरमोरी तक रेल सेवा का पहुंचना, नक्सलवाद से प्रभावित रहे इस पूरे अंचल को देश के मुख्यधारा वाले आर्थिक और सामाजिक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर देगा।
उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिनों पहले ही एसईसीआर के मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की निगरानी में वडसा से आरमोरी के बीच बिछाई गई 20 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का बेहद बारीकी से सुरक्षा परीक्षण और हाई-स्पीड ट्रायल किया गया था। सूत्रों की मानें तो मामूली सुधारों के बाद अब इस ट्रैक को सीआरएस से ट्रेन परिचालन की अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही आर्मोरी से गड़चिरोली तक भी ट्रैक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
लोहा, मैंगनीज और मूल्यवान वन उपज से भरपूर यह जिला अब तक केवल बेहतर परिवहन साधनों के अभाव के कारण औद्योगिक विकास की दौड़ में पीछे छूट रहा था।
सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ने के कारण लौह अयस्क और अन्य खनिजों का परिवहन बेहद आसान हो जाएगा। इससे बड़े उद्योगों का आगमन होगा और क्षेत्र के हजारों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
स्थानीय किसानों, छोटे कारोबारियों, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों और नागपुर या चंद्रपुर के बड़े अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए यह ट्रेन सेवा किसी बड़े वरदान से कम साबित नहीं होगी।
यदि इन दोनों ट्रेनों का विस्तार होता है तो गडचिरोली जिले का आर्मोरी क्षेत्र गोदिया के माध्यम से सीधे तौर पर नागपुर, जबलपुर और हावडा रूट से जुड़ जायेगा जो विदर्भ के इस सबसे पिछड़े क्षेत्र के लिए क्रांति से कम नहीं।
एसईसीआर के जेडआरयूसीसी सदस्य बृजभूषण शुक्ला ने कहा कि भले ही यह शुरुआत मेमू ट्रेनों से होगी लेकिन जल्द ही यहा एक्सप्रेस ट्रेनों की संभावना भी मजबूत है। जिस दिन इन ट्रेनों के विस्तार को हरी झंडी मिलेगी, वह एक ऐतिहासिक दिन होगा क्योंकि ये विदर्भ के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।