परमबीर सिंह और जयंत पाटिल (फोटो: फाइल/ANI) 
महाराष्ट्र

जयंत पाटिल के पास जाता था जबरन वसूली का पैसा, परमबीर सिंह का एक और बड़ा दावा

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के बीच आरोपों प्रत्यारोप चल रहा है। इस बीच मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने सोमवार को दावा किया कि जबरन वसूली और अन्य अवैध तरीकों से एकत्र किया गया धन राकांपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल के पास जाता था।

शुभम सोनडवले

मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के बीच आरोपों प्रत्यारोप चल रहा है। इस बीच मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने सोमवार को दावा किया कि जबरन वसूली और अन्य अवैध तरीकों से एकत्र किया गया धन राकांपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल के पास जाता था। इसकी जानकारी खुद देशमुख ने उन्हें दो से तीन बार दी थी। जयंत पाटिल उस समय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का कोष संभालते थे।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी सिंह ने मुंबई में 'पीटीआई-वीडियो' को बताया कि महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उनके अधिकारियों को महानगर से 100 करोड़ रुपये संग्रह करने का लक्ष्य दिया था और उन्होंने महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार के कार्यकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के देवेन्द्र फडणवीस सहित प्रमुख विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की योजना के बारे में भी बात की थी। अनिल देशमुख वर्ष 2019 से 2021 तक राज्य के गृह मंत्री थे।

फडणवीस ने तैयार की पटकथा

अनिल देशमुख के बेटे सलिल ने सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी सत्तारूढ़ भाजपा और उपमुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा तैयार की गई पटकथा पढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र में गृह प्रभार फडणवीस संभालते हैं। सलिल देशमुख ने नागपुर में 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "परमबीर सिंह इतने दिन कहां थे आप... परमबीर सिंह आप भाजपा और देवेन्द्र फडणवीस की दी हुई पटकथा पढ़ते रहिए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि आप भाजपा को कितना भी खुश कर लो एनआईए आपको गिरफ्तार कर ही लेगी।"

100 करोड़ रुपये वसूली का था लक्ष्य

सिंह ने दावा किया कि उनके अधिकारियों को देशमुख द्वारा होटलों और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की जबरन वसूली का लक्ष्य दिया गया था, जो अब राज्यसभा सदस्य शरद पवार के नेतृत्व वाले राकांपा गुट में हैं। सिंह ने दावा करते हुए कहा, "सौ करोड़ रुपए इकट्ठा करने का लक्ष्य मुंबई शहर के लिए था, जिसके लिए मेरे अफसरों पर दबाव था। राज्य के बाकी हिस्सों के लिए लक्ष्य अलग था।" उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित गुटखा कारोबार सहित अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को भी धन संग्रह पर चर्चा के लिए बुलाया गया था।

अनिल देशमुख का बेटा भी रैकेट में शामिल

विवादास्पद पूर्व आईपीएस अधिकारी ने दावा करते हुए कहा, "जिन लोगों ने फोन किया, वे देशमुख और उनके बेटे (सलिल) के संपर्क में थे। कोई बड़ा लक्ष्य होना चाहिए, मैं अटकलें नहीं लगाना चाहता, अवैध गतिविधियों से आने वाला पैसा भी अलग था।" उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व गृह मंत्री के बेटे सलिल देशमुख धन उगाही रैकेट में सक्रिय रूप से शामिल थे। सिंह ने दावा किया, "वह (सलिल देशमुख) अधिकारियों को बुलाकर उनके तबादले के लिए पैसे इकट्ठा करते थे और पश्चिमी उपनगरों के एक होटल में बातचीत होती थी। वहां से जबरन वसूली का एक रैकेट चलाया जा रहा था।"

परमबीर सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा, "अनिल देशमुख ने खुद मुझे दो-तीन बार बताया था कि इकट्ठा किया गया पैसा जयंत पाटिल के पास जाता था जो पार्टी कोष का काम देखते थे।" पुणे में राकांपा (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने अनिल देशमुख के खिलाफ सिंह के आरोपों को गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि उनके (सिंह) खिलाफ कार्रवाई शुरू की गयी थी। (एजेंसी एडिटेट)

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