महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग बुनियादी ढांचे में सुधार की जरूरत: डॉ. भागवत कराड

शफीउल्ला हुसैनी

औरंगाबाद : महाराष्ट्र (Maharashtra) के शहरी इलाकों में अन्य राज्यों के मुकाबले बैकिंग (Banking) बुनियादी ढांचे (Infrastructure) बहुत अधिक बेहतर है। परंतु, राज्य के ग्रामीण क्षेत्र (Rural Area) में आज भी बुनियादी ढांचे में बेहतर सुधार लाने की जरुरत है। इसको लेकर बैंक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। चालू वर्ष के एंड तक 70 शाखाएं मराठवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में खोलने का आश्वासन राष्ट्रीयकृत और निजी बैंक के अधिकारियों ने दिया है। यह जानकारी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड ने आयोजित प्रेस वार्ता में दी। 

ऐतिहासिक औरंगाबाद नगरी में पहली बार केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड के अध्यक्षता में राज्यस्तरीय बैंकर समिति (एसएलबीसी की 156वीं) की बैठक शहर के पंचसीतारा रामा इंटरनेशनल होटल में संपन्न हुई। बैठक में राज्य के राष्ट्रीयकृत, निजी और ग्रामीण बैंक के आला अधिकारी उपस्थित थे।  बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. कराड ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में विविध सरकारी योजनाओं का जायजा लिया गया। इस जायजे में युवाओं को रोजगार पाने के लिए शुरु की गई मुद्रा लोन में एवरेज 1 लाख जनसंख्या के पिछे 30 हजार 179 युवाओं को ऋण मिलना चाहिए। परंतु, बैकों द्वारा सिर्फ 25 हजार 719 ऋृण के मामले मंजूर किए गए। इस योजना की स्थिति राज्य में बेहतर नहीं है। इस योजना के तहत पेंडिंग फाईलों पर तत्काल निर्णय लेकर युवाओं को ऋण देने के निर्देश बैंक अधिकारियों को दिए जाने की जानकारी डॉ. कराड ने दी। एक सवाल के जवाब में डॉ. कराड ने माना कि राज्य के मराठवाड़ा और विदर्भ में बैंक की शाखाएं कम है। बैंकिंग आधारभूत ढांचे की स्थिति राज्य में बेहतर है। परंतु उसमें सुधार लाकर सरकारी योजनाओं का प्रचार और प्रसार पर अधिक जोर देने की जरुरत है। वहीं, स्टैंड अप योजना जो एससी, एसटी और महिलाओं लिए फायदेमंद उस योजना पर भी जोर देकर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को ऋृण देकर एक शाखा ने इस योजना के तहत दो कर्ज की फाईले मंजूर करने के निर्देश बैठक में दिए गए। इसके अलावा स्वयं सहायता समुह गुट को कर्ज देने को लेकर भी चर्चा होकर इसके तहत 20 लाख तक कर्ज दे सकते। इसमें अधिक संख्या में महिलाओं ने कर्ज उठाया है, परंतु एनपीए का ग्राफ काफी कम है। इसलिए स्वंय सहायता गुट को कैसे बड़े पैमाने पर शामिल किया जा सकता इस पर भी बैठक में चर्चा होने की जानकारी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. कराड ने दी। 

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत हजारों फाईलों को दी गई मंजूरी 

डॉ. कराड ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत औरंगाबाद जिले का जायजा लेने पर 16 हजार लोगों ने आवेदन किया था। उसमें 7500 लोगों ने कर्ज बांटा गया। ढाई हजार आवेदन कर्ताओं की फाईल एसबीआई में इस योजना के तहत पड़ी है। उन लोगों के फाईलों को तत्काल मंजूरी देकर योजना का लाभ लोगों को देने के निर्देश दिए गए। विशेषकर, जिन फाईलों को नामंजूर किया गया, उन्हें भी इस योजना का लाभ देने के निर्देश दिए जाने की जानकारी डॉ. कराड ने दी। साथ ही उन्हें क्यू आर कोड दिया जाए, ताकि वे बैकों के चक्कर ना काटे अकेले नागपुर शहर में 45 हजार, मुंबई में 23 हजार आवेदन आए है। इनका हल निकालकर कर्ज देने के लिए मैं जल्द ही मुंबई, पुणे, नाशिक, नागपुर में पहुंचकर बैंक अधिकारियों के साथ बैठक लेकर कम समय में गरीबों को कर्ज देने पर जोर दूंगा। 

किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों के लिए फायदेमंद 

डॉ. कराड ने बताया कि आज भी राज्य में 33 गांव ऐसे जहां बैकिंग व्यवहार ही नहीं होता है। इन 33 गावों में से जिन गांवों की जनसंख्या 3 हजार से अधिक है, उन गांवों में बैंक पत्र-व्यवहार के माध्यम और छोटे गांवों में बैंक टच पॉइंट के माध्यम से बैकिंग व्यवहार बढ़ाने को लेकर भी सूचनाएं की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में विविध योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों को समझाना आज भी जरुरी है। आज की बैठक में गांव-गांव जाकर लोगों को बैकिंग व्यवहार और केंद्र की योजनाओं से अवगत कराने को लेकर सूचनाएं की गई। डॉ. कराड ने बताया कि सरकारी योजनाओं का प्रचार और प्रसार करने के लिए नाबार्ड के माध्यम से 42 वैन मंजूर किए गए है। उनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं में प्रचार और प्रसार किया जाएगा। साथ ही बैकों को स्टाफ बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। वहीं, इस योजना में किसानों को आसानी से कर्ज उपलब्ध कराने के लिए भी कई सूचनाएं की गई। प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी स्कीम के तहत नए नए उद्यमियों को भी कर्ज देने के लिए सूचनाएं की गई। इसमें प्रमुख रुप से किसान और महिलाओं को प्राथमिकता दी तो किसान क्रेडिट कार्ड योजना और अधिक सफल होने का दावा डॉ. कराड ने किया। इस योजना के तहत एक शाखा ने 157 किसान क्रेडिट कार्ड निकाले तो करीब सभी किसानों को इस योजना का लाभ होगा। इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई। 

वित्तीय सहाय प्रोगाम के तहत बांटे जाएंगे 2 हजार 952 करोड़ 

डॉ. कराड ने बताया कि राज्य के 78 हजार 824 लोगों को 1 हजार करोड़ से अधिक की राशि वित्तीय सहाय कर्ज के रुप में बांटने का निर्णय लिया गया है।  इसमें 2 हजार 952 करोड़ की राशि मंजूरी हो चुकी है। सोमवार को शहर के संत एकनाथ रंग मंदिर में हुए एक सम्मेलन में कुछ लोगों को कर्ज की राशि प्राथमिक रुप में बांटी गई। इसके तहत सभी बैकों के माध्यम से एग्रीकल्चर सेक्टर में 338 करोड़ की राशि 23 हजार 296 लोगों को बांटी जाएगी। एमएसएमई के तहत 6 हजार 208 उद्योंगों को 1386 करोड़ का कर्ज दिया जाएगा। रिटेल में 9 हजार 409 लोगों को ऋण दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य में 34 हजार 911 लोगों को 245 करोड़ की राशि बांटी जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड ने दी।

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