समृद्धि महामार्ग पर पड़ी दरारें 
महाराष्ट्र

समृद्धि महामार्ग पर पड़ी दरारें; अब तक हो चुके हैं 1300 से अधिक एक्सीडेंट, 150 से ज्यादा मौतें

हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर एक साल के भीतर ही दरारें पड़ गई है। गुरुवार सुबह छत्रपति संभाजीनगर के पास मालीवाड़ा इंटरचेंज के पास 50 फीट लंबी 3 सेमी चौड़ी दरार देखी गई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस मार्ग को पिछले साल यातायात के लिए खोल दिया गया था।

शुभम सोनडवले

मुंबई. हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर एक साल के भीतर ही दरारें पड़ गई है। गुरुवार सुबह छत्रपति संभाजीनगर के पास मालीवाड़ा इंटरचेंज के पास 50 फीट लंबी 3 सेमी चौड़ी दरार देखी गई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस मार्ग को पिछले साल यातायात के लिए खोल दिया गया था। सड़क निर्माण करने वाले प्राधिकरण महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) ने दावा किया था कि समृद्धि हाईवे के लिए M-40 ग्रेड सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है और लगभग 20 वर्षों तक सड़क पर कोई गड्ढा नहीं दिखेगा। हालांकि, एक साल के अंदर ही ये दावा झूठा साबित हो गया है।

बता दें कि समृद्धि के शुरू होते ही एक्सीडेंट होने का मामले शुरू हो गए थे। हाईवे पर दरारें और पत्थरों के कारण दुर्घटनाएं और बढ़ने की आशंका जताई गई थी। इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों ने चार दिन पहले प्रशासन से शिकायत भी की थी। लेकिन कोई फैसला नहीं लिया गया।

MSRDC ने रखा अपना पक्ष

हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर नागपुर से शिरडी तक 520 किमी का रास्ता 11 दिसंबर 2022 को यातायात के लिए खोल दिया गया था। गुरुवार को मौजे फतियाबाद के पास छत्रपति संभाजीनगर चेन नं. 443/650 पर लगभग 40 मी. कंक्रीट पैनल में एक अनुदैर्ध्य दरार देखी गई है। पहली नजर में ऐसा लगता है कि भराव वाले हिस्से के थोड़ा धंसने के कारण कंक्रीट सड़क की सतह में दरार पैदा हो गई है। लेकिन महामार्ग की सतह अच्छी स्थिति में है और यातायात को कोई खतरा नहीं है। दरार को तुरंत विशेष रसायनों (एपॉक्सी मटेरियल शालिफिक्स एससी 40) का उपयोग करके ग्राउट से भर दिया गया है। टूटी हुई कंक्रीट सड़क लगभग 50 मीटर की है। इस हिस्से का नवीनीकरण पूरी तरह से ठेकेदार की जिम्मेदारी और लागत पर किया जाएगा।

महामार्ग पर 1300 से अधिक हादसे

गौरतलब है कि दिसंबर 2022 से अब तक एक्सप्रेसवे पर कुल 1,300 से अधिक हादसे हुए हैं, जिनमें 150 से अधिक मौतें हुई हैं। एक्सप्रेसवे पर हर दिन तीन दुर्घटनाएं होती हैं। महामार्ग पर पिछले साल जुलाई में एक निजी एसी स्लीपर बस हादसे का शिकार हो गई थी। बस में आग लगने से 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

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