Illegal Bangladeshi Citizen Arrested in Chhatrapati Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर लंबे समय से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। दोनों मांडकी शिवार क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर रसोइया और सेवक के रूप में काम कर रहे थे। जांच के दौरान उनके पास बांग्लादेश सरकार के राष्ट्रीय पहचान पत्र और जन्म प्रमाणपत्र मिलने से उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। दोनों के पास भारत में प्रवेश और रहने के लिए आवश्यक वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य यात्रा दस्तावेज नहीं पाए गए।
छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव के मार्गदर्शन में जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के दौरान 11 अगस्त को स्थानीय अपराध शाखा के दल को मांडकी शिवार क्षेत्र में कुछ संदिग्ध विदेशी नागरिकों के रहने की सूचना मिली। इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा और चिकलथाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इमानदार ढाबे पर पहुंचकर वहां काम कर रहे दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।
इनकी पहचान मोहम्मद बिलाल मोहम्मद मुकलिसउद्दल रेहमान (27) और मोहम्मद रासेल मोहम्मद इरशाद अली (19) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बांग्लादेश के झिनायदा जिले के रहने वाले हैं। वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर के मांडकी शिवार में रह रहे थे।
पूछताछ में दोनों ने शुरुआत में खुद को भारतीय नागरिक बताया। हालांकि, उनकी बातचीत और जानकारी में विरोधाभास मिलने पर पुलिस को संदेह हुआ। गहन पूछताछ के बाद दोनों ने बांग्लादेश का नागरिक होना स्वीकार किया। मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की जांच में बांग्लादेश के राष्ट्रीय पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र तथा वहां रहने वाले रिश्तेदारों से संपर्क के प्रमाण मिले।
पुलिस के अनुसार बिलाल ने वर्ष 2017-18 के आसपास दलाल के माध्यम से भारत-बांग्लादेश सीमा अवैध रूप से पार की थी। इसके बाद उसने कोलकाता, मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर में विभिन्न स्थानों पर काम किया। वहीं रासेल ने करीब पांच वर्ष पहले अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था और कोलकाता, मनमाड तथा छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र में काम किया।
दोनों के भारत में रहने की अवधि, रोजगार, ठिकानों और स्थानीय संपर्कों की जांच जारी है। उनके नागरिकत्व की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया भी चल रही है। संबंधित कानून के तहत आगे की कार्रवाई करते हुए दोनों को बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस ने होटल, ढाबा संचालकों और मकान मालिकों से बाहर से आने वाले लोगों के पहचान दस्तावेजों की उचित जांच करने की अपील की है।