छत्रपति संभाजीनगर ऑटोमोबाइल हब  एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

पुणे का विकल्प बनेगा संभाजीनगर? बड़े ऑटोमोबाइल ओईएम ने टटोली स्थानीय उद्योगों की क्षमता

Sambhajinagar Auto Hub: छत्रपति संभाजीनगर को पुणे के वैकल्पिक ऑटोमोबाइल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी संभावना सामने आई है, जहां अपनी उत्पादन क्षमता का प्रदर्शन किया है।

शफीउल्ला हुसैनी, आंचल लोखंडे

CMIA Sambhajinagar: क्या छत्रपति संभाजीनगर बड़े ऑटोमोबाइल उद्योगों के लिए पुणे के विकल्प के रूप में उभर सकता है? इस संभावना को उस समय बल मिला, जब चेंबर ऑफ मराठवाड़ा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (सीएमआईए) की पहल पर भारत की अग्रणी ऑटोमोबाइल मूल उपकरण निर्माता कंपनियों में शामिल एक कंपनी के टूल एंड डाय विभाग के साथ स्थानीय उद्योगों की बैठक हुई।

शहर के करीब 80 वाहन और अभियांत्रिकी आपूर्तिकर्ताओं ने इसमें अपनी उत्पादन क्षमता, अत्याधुनिक मशीनरी और तकनीकी दक्षता प्रस्तुत की। स्थानीय उद्योगों की क्षमता और उत्साह से कंपनी प्रतिनिधि प्रभावित हुए तथा आगामी परियोजनाओं में सक्षम स्थानीय कंपनियों को अवसर देने के संकेत दिए।

टूलिंग से स्वचालन तक कारोबार की संभावनाएं

बैठक का उद्देश्य छत्रपति संभाजीनगर के उद्योगों की उत्पादन क्षमता को समझना और कंपनी की आगामी जरूरतों के लिए स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं की संभावनाएं तलाशना था। स्थानीय उद्यमियों ने अपनी मशीनरी, उत्पादन क्षमता, तकनीकी कौशल और अभियांत्रिकी सेवाओं की जानकारी कंपनी प्रतिनिधियों के सामने रखी।

बड़े आकार की सीएनसी मशीनिंग, वीएमसी और एचएमसी मशीनिंग, टर्नकी डाइज, फिक्स्चर निर्माण, गेज, स्वचालन, पीएलसी और विद्युत सेवाओं में विशेष अवसरों पर चर्चा हुई। उद्योगों ने करीब 4.5 मीटर × 4.5 मीटर तक बड़े आकार की सीएनसी मशीनिंग क्षमता की जानकारी भी दी।

बड़े मोल्ड और रोबोटिक प्रणाली पर भी फोकस

बैठक में बॉडी-बिल्डिंग फिक्स्चर स्वचालन, स्वचालन प्रणाली, त्रिआयामी मुद्रित टूलिंग, स्किन-पैनल डाइज, बड़े आकार के मोल्ड और रोबोटिक प्रणालियों के क्षेत्र में संभावित सहयोग पर भी विचार किया गया। कुशल स्थापना कर्मचारियों की उपलब्धता को भी स्थानीय उद्योगों की ताकत के रूप में सामने रखा गया।

कंपनी प्रतिनिधियों ने संभाजीनगर में उपलब्ध औद्योगिक क्षमता और स्थानीय कंपनियों की भागीदारी पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। आगामी परियोजनाओं के लिए सक्षम स्थानीय उद्योगों को काम देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान पुणे के वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता केंद्र के रूप में छत्रपति संभाजीनगर को विकसित करने की संभावना भी सामने आई।

आपूर्तिकर्ता बनने से पहले होगी गुणवत्ता जांच

बड़ी कंपनी की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने के लिए स्थानीय उद्योगों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पहले क्षमता का स्व-मूल्यांकन और दस्तावेजों की जांच होगी। इसके बाद संबंधित उद्योगों की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता व्यवस्था का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र कंपनियों को विक्रेता कोड जारी किया जाएगा।

80 वाहन व अभियांत्रिकी कंपनियों ने पेश की अपनी ताकत

सीएमआईए ने संबंधित उद्योगों से कंपनी प्रोफाइल, मशीनरी का विवरण, उत्पादन क्षमता और प्रमुख कौशल क्षेत्रों की जानकारी जमा कराने का आग्रह किया है। इस पहल में सीएमआईए अध्यक्ष अथर्वेशराज नंदावत, मानद सचिव अजिंक्य सावे, ऋषिकेश जाजू, सौरभ छल्लाणी और ऋषिकेश गवली ने समन्वय और सहभागिता की।

नंदावत ने कहा कि इस संवाद से छत्रपति संभाजीनगर के वाहन, टूलिंग, स्वचालन और अभियांत्रिकी क्षेत्र को बड़े ऑटोमोबाइल उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने का महत्वपूर्ण मंच मिला है। संभावित कारोबारी अवसरों से क्षेत्र के औद्योगिक विकास के साथ रोजगार सृजन को भी गति मिलने की उम्मीद है।

UPI फीस को लेकर सियासत तेज, राहुल ने इंदिरा गांधी का नाम लेकर सरकार को लताड़ा, बोले- ट्रंप के सामने झुके PM

क्या है झीरम घाटी हत्याकांड? 13 साल बाद NIA कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, सभी 10 दोषियों को फांसी की सजा

भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, खरगे ने PM मोदी को घेरा, बोले- सरकार की विदेश और व्यापार नीति बुरी तरह फेल

पीएम मोदी करेंगे सेमीकॉन इंडिया के पांचवें संस्करण का उद्घाटन, 52 देशों के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा

वीर सैनिकों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय की विशेष पहल, आजीवन रेल यात्रा की सुविधा; परिवार भी उठाएंगे लाभ