संभाजीनगर हाई कोर्ट का आदेश जल आपूर्ति सोर्स: सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

पानी आने से 12 घंटे पहले देनी होगी सूचना, छत्रपति संभाजीनगर जलापूर्ति पर बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

Sambhajinagar High Court Water : संभाजीनगर हाईकोर्ट ने मनपा से जलंबेल ऐप पर जलापूर्ति का समय 12 घंटे पहले घोषित करने की अपेक्षा जताई। नई जलवाहिनी योजना से 45 हजार घरों को नए कनेक्शन मिलेंगे।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • हाईकोर्ट ने जलापूर्ति का समय 12 घंटे पहले घोषित करने की अपेक्षा जताई।

  • ‘जलंबेल’ ऐप के माध्यम से क्षेत्रवार सूचना देने का सुझाव।

  • अनियमित जलापूर्ति और दूषित पानी की शिकायतों पर हुई सुनवाई।

  • नई जलवाहिनी योजना के तहत करीब 45 हजार घरों को नए कनेक्शन देने की तैयारी।

  • प्रत्येक नए नल कनेक्शन के लिए 6,000 रुपये शुल्क लेने की जानकारी।

Sambhajinagar High Court Jalbel App 12 Hours Water Supply: छत्रपति संभाजीनगर में अनियमित जलापूर्ति और दूषित पानी की शिकायतों पर सुनवाई करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने मनपा से जलंबेल ऐप के जरिए प्रत्येक क्षेत्र में पानी आने का समय कम से कम 12 घंटे पहले बताने की अपेक्षा जताई है। सुनवाई में नई जलवाहिनी परियोजना के तहत करीब 45 हजार घरों को नए नल कनेक्शन देने का मुद्दा भी सामने आया।

पानी आने से 12 घंटे पहले मिलेगी सूचना

छत्रपति संभाजीनगर शहर में अनियमित जलापूर्ति और दूषित पानी की शिकायतों के बीच मुंबई उच्च न्यायालय ने नागरिकों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण अपेक्षा जताई है। न्यायालय ने कहा कि महानगरपालिका को जलंबेल ऐप के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में पानी आने का समय कम से कम 12 घंटे पहले घोषित करना चाहिए, ताकि नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार पानी जमा करने की व्यवस्था कर सकें।

जनहित याचिका पर ऑनलाइन सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संतोष चपलगांवकर और न्यायमूर्ति अभय मंत्री की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की। सुनवाई में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।

अनियमित जलापूर्ति से नागरिक परेशान

सुनवाई के दौरान बताया गया कि पानी छोड़ने का कोई निश्चित समय नहीं होने से नागरिकों को परेशानी होती है। कई इलाकों में अचानक जलापूर्ति शुरू कर दी जाती है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में दूषित पानी मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

इसी स्थिति को देखते हुए अदालत ने जलापूर्ति का समय पहले से घोषित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। 12 घंटे पहले सूचना मिलने से नागरिक अपनी दिनचर्या और पानी जमा करने की व्यवस्था बेहतर तरीके से कर सकेंगे।

जलवाहिनी परियोजना की प्रगति का ब्यौरा पेश

सुनवाई के दौरान ठेकेदार की ओर से नई जलवाहिनी परियोजना के कामकाज की जानकारी दी गई। मुख्य सरकारी अधिवक्ता अमरजीत सिंह गिरासे ने न्यायालय द्वारा गठित समिति की पिछली बैठक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

मनपा की ओर से अधिवक्ता संभाजी टोपे और मूल याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमित मुखेडकर ने जलापूर्ति से जुड़े विभिन्न मुद्दे न्यायालय के सामने रखे।

45 हजार घरों को मिलेंगे नए नल कनेक्शन

सुनवाई में नई जलवाहिनी परियोजना के तहत नए नल कनेक्शन देने का मुद्दा भी उठा। जानकारी के अनुसार, मनपा प्रत्येक नए नल कनेक्शन के लिए 6,000 रुपये शुल्क लेने वाली है। इसके बाद ठेकेदार के माध्यम से शहर के करीब 45 हजार घरों को नए पेयजल कनेक्शन दिए जाने की योजना है।

हालांकि, मनपा की ओर से अधिकृत नल कनेक्शनों की सूची उपलब्ध कराए बिना नए कनेक्शन देना संभव नहीं होने की बात ठेकेदार के वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. धोर्डे ने अदालत को बताई।

इस पर मनपा के अधिवक्ता संभाजी टोपे ने स्पष्ट किया कि अधिकृत नल कनेक्शनों की सूची उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति को सौंपी जाएगी।

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