पुराने शहर के कई इलाकों में 8 से 12 दिन बाद पानी मिलने की शिकायत।
दूषित पानी से गैस्ट्रो के मामले बढ़ने का पार्षद का दावा।
MIM प्रतिनिधिमंडल ने मनपा आयुक्त को सौंपा ज्ञापन।
आरिफ, दिलरस, बिस्मिल्लाह और हिलाल कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में संकट।
नियमित जलापूर्ति और पानी की बर्बादी रोकने की मांग।
Sambhajinagar gastro outbreak Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर के पुराने शहर के कई इलाकों में 8 से 12 दिनों के अंतराल पर जलापूर्ति होने और दूषित पानी मिलने की शिकायत सामने आई है। पार्षद मीर वाजिद अली और विपक्ष के नेता समीर साजिद बिल्डर के नेतृत्व में MIM प्रतिनिधिमंडल ने मनपा आयुक्त अमोल येड़गे को ज्ञापन देकर नियमित और स्वच्छ जलापूर्ति की मांग की।
छत्रपति संभाजीनगर पुराने शहर के कई इलाकों में जल संकट गहराने की शिकायत सामने आई है। नागरिकों का आरोप है कि उन्हें 8 से 12 दिनों के अंतराल पर पानी मिल रहा है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतों ने चिंता बढ़ा दी है।
समस्या के समाधान की मांग को लेकर मनपा में विपक्ष के नेता समीर साजिद बिल्डर और वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद मीर वाजिद अली के नेतृत्व में MIM के प्रतिनिधिमंडल ने मनपा आयुक्त अमोल येड़गे से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर नियमित और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
पार्षद मीर वाजिद अली ने कहा कि दूषित पानी के इस्तेमाल से नागरिकों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनके अनुसार, विशेषकर छोटे बच्चे गैस्ट्रो की चपेट में आ रहे हैं और मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
उन्होंने इस स्थिति को जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए मनपा प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की। हालांकि, दूषित पानी और गैस्ट्रो के मामलों के बीच संबंध की पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग की जांच और आधिकारिक आंकड़े जरूरी होंगे।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, आरिफ कॉलोनी, दिलरस कॉलोनी, बिस्मिल्लाह कॉलोनी, हिलाल कॉलोनी और आसफिया कॉलोनी सहित दिल्ली गेट टंकी से जुड़े क्षेत्रों में जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है।
नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे अंतराल के कारण लोगों को पानी का भंडारण करने और वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहने की नौबत आ रही है।
MIM प्रतिनिधिमंडल ने मनपा प्रशासन से जलापूर्ति का अंतराल कम करने, पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। अब संबंधित इलाकों में जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार और दूषित पानी की शिकायतों पर प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।