रमाई आवास योजना के 1,893 लाभार्थियों में से 525 ने निर्माण शुरू किया।
लाभार्थियों को पहली किस्त मिलने का इंतजार।
पालकमंत्री संजय शिरसाट ने पहली किस्त ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 करने के निर्देश दिए थे।
हर महीने की पहली तारीख को लाभार्थियों की सूची जारी करने का निर्देश।
मनपा के अनुसार, स्थल निरीक्षण और जियो टैगिंग के आधार पर राशि दी जा रही है।
Chhatrapati Sambhajinagar Ramai Awas Yojana Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर में रमाई आवास योजना के 1,893 लाभार्थियों में से अब तक 525 ने ही घरों का निर्माण शुरू किया है। लाभार्थी पहली किस्त की राशि जल्द जारी करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, मनपा प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य की प्रगति और जियो टैगिंग के आधार पर राशि वितरित की जा रही है।
छत्रपति संभाजीनगर, ब्यूरो। अपने घर का सपना पूरा करने के लिए रमाई आवास योजना के लाभार्थी आर्थिक सहायता मिलने का इंतजार कर रहे हैं। छत्रपति संभाजीनगर में योजना के तहत चयनित 1,893 लाभार्थियों में से अब तक केवल 525 ने ही घरों का निर्माण शुरू किया है। लाभार्थियों का कहना है कि पहली किस्त समय पर मिले तो वे निर्माण कार्य आगे बढ़ा सकेंगे। दूसरी ओर, मनपा प्रशासन का दावा है कि निर्माण की प्रगति के अनुसार राशि वितरित की जा रही है।
योजना की धीमी रफ्तार को लेकर नागरिकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि आर्थिक सहायता में देरी से अपने आशियाने का सपना पूरा करने में परेशानी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, रमाई आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित करने के लिए हाल ही में उस्मानपुरा स्थित संत एकनाथ रंगमंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें पालकमंत्री एवं सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे, महापौर समीर राजूरकर, उपमहापौर राजेंद्र जंजाल और स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान संजय शिरसाट ने योजना के धीमे क्रियान्वयन पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में दी जाने वाली ₹25,000 की राशि बढ़ाकर 50,000 करने के निर्देश दिए थे।
इसके साथ ही हर महीने की पहली तारीख को लाभार्थियों की सूची जारी करने और प्रतिमाह कम से कम 2,000 लाभार्थियों के नाम घोषित करने को कहा गया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार योजना की गति अब भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है।
मनपा प्रशासन का कहना है कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के घरों का स्थल निरीक्षण किया जा रहा है। निर्माण कार्य की स्थिति दर्ज करने के लिए तस्वीरें लेकर जियो टैगिंग भी की जा रही है। जिन लाभार्थियों ने निर्माण शुरू कर दिया है, उन्हें काम की प्रगति के अनुसार राशि दी जा रही है।
मनपा की अतिरिक्त आयुक्त कल्पिता पिपले के अनुसार, प्रशासन लाभार्थियों को घर बनाने में सहायता देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने लाभार्थियों से निर्माण कार्य शुरू करने और अपने आशियाने का सपना साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
अब लाभार्थियों की निगाहें किस्त जारी होने और योजना के क्रियान्वयन में तेजी आने पर टिकी हैं।