प्रॉपर्टी टैक्स वसूली की 80% शर्त हटाने का निर्णय
29 प्रभागों में 150 से अधिक विकास कार्य प्रभावित थे
सड़क निर्माण, मरम्मत और ड्रेनेज के कामों को मिलेगी गति
23 अक्टूबर से टेंडर जारी करने की तैयारी
Chhatrapati Sambhajinagar Property Tax Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर शहर की कॉलोनियों में विकास कार्यों को मंजूरी देने के लिए लागू 80 प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स वसूली की शर्त मनपा प्रशासन ने हटा दी है। इस फैसले से शहर के 29 प्रभागों में अटके 150 से अधिक विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। इनमें सड़क निर्माण, सड़क मरम्मत, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं।
इस शर्त के कारण नगरसेवकों द्वारा प्रस्तावित कई विकास कार्यों को मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। नागरिकों की नाराजगी और जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद प्रशासन ने इस मुद्दे पर पुनर्विचार किया।
मनपा प्रशासन ने कुछ वर्ष पहले प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली बढ़ाने के उद्देश्य से यह शर्त लागू की थी। इसके तहत संबंधित वार्ड कार्यालय से निर्धारित स्तर की टैक्स वसूली का प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही सड़क, ड्रेनेज और अन्य विकास कार्यों को मंजूरी दी जाती थी।
हालांकि, शहर में बड़ी संख्या में नागरिक आर्थिक वर्ष के शुरुआती महीनों के बजाय अंतिम महीनों में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करते हैं। ऐसे में प्रस्तावित विकास कार्यों के बावजूद मंजूरी की प्रक्रिया अटक जाती थी। इसका असर उन इलाकों पर भी पड़ रहा था, जहां सड़क और जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत थी।
नए बजट में नगरसेवकों ने सड़क निर्माण और मरम्मत सहित विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए थे। शर्त के कारण इन प्रस्तावों की मंजूरी में देरी हो रही थी। अब अधिकांश कार्यों के अनुमान तैयार कर प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजे जाने की जानकारी है।
महापौर समीर राजूरकर के अनुसार, नगरसेवकों ने उन क्षेत्रों में विकास कार्य प्रस्तावित किए हैं, जहां उनकी तत्काल आवश्यकता है। शर्त हटने के बाद अधिकांश प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है। कुछ कार्यों को मंजूरी भी मिल चुकी है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर प्रशासन और पदाधिकारियों की बैठक में शर्त हटाने का निर्णय लिया गया। फिलहाल आचार संहिता लागू होने के कारण टेंडर जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर से निविदाएं जारी करने की तैयारी है।
टेंडर प्रक्रिया शुरू होने और आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद शहर के लंबित विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।