छत्रपति संभाजीनगर मनपा स्कूल (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

नवभारत की खबर का असर: छत्रपति संभाजीनगर मनपा के 17 स्कूलों में पहुंचीं नई पाठ्यपुस्तकें

Municipal School Textbooks: नवभारत में खबर प्रकाशित होने के बाद छत्रपति संभाजीनगर मनपा का शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ। 17 माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं की नई पाठ्यपुस्तकें पहुंचाई गईं।

शफीउल्ला हुसैनी, आंचल लोखंडे

Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Schools: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के माध्यमिक स्कूलों में कक्षा नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों को नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने में हुई देरी का मुद्दा सामने आने के बाद मनपा प्रशासन ने आखिरकार पुस्तकों का वितरण शुरू कर दिया है। ‘नवभारत’ में विद्यार्थियों को नई पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलने से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद मनपा प्रशासन सक्रिय हुआ और बालभारती से प्राप्त पुस्तकें शहर की सभी 17 माध्यमिक स्कूलों में पहुंचा दी गईं। इससे लंबे समय से नई पुस्तकों की प्रतीक्षा कर रहे विद्यार्थियों को राहत मिली है।

बालभारती से पुस्तकें मिलते ही वितरण

मनपा प्रशासन के अनुसार, कक्षा नौवीं और दसवीं की नई पाठ्यपुस्तकें शनिवार, 22 अगस्त को बालभारती के पास उपलब्ध हुईं। इसके बाद मनपा के शिक्षा विभाग ने बिना विलंब किए पुस्तकें अपने कब्जे में लीं और सभी 17 माध्यमिक स्कूलों में वितरित कर दीं। अब विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो गई हैं।

खबर के बाद तेज हुई प्रक्रिया

मनपा सूत्रों के अनुसार, पुस्तकों के वितरण से संबंधित फाइल कई दिनों से लेखा विभाग में लंबित थी। फाइल आगे बढ़ने में हुई देरी के कारण विद्यार्थियों तक नई पाठ्यपुस्तकें पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसी बीच विद्यार्थियों को नई किताबें उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा ‘नवभारत’ ने प्रमुखता से उठाया। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने प्रक्रिया को गति दी और पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचाने की कार्रवाई की।

पुरानी किताबों से शुरू हुई थी पढ़ाई

शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में कक्षा नौवीं और दसवीं की नई पाठ्यपुस्तकें बालभारती के पास उपलब्ध नहीं थीं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए मनपा ने पिछले वर्ष की पाठ्यपुस्तकें स्कूलों में उपलब्ध कराई थीं। स्कूल शुरू होने के पहले ही दिन विद्यार्थियों को पुरानी किताबें दी गई थीं, ताकि नई पुस्तकों की अनुपलब्धता के कारण उनका शैक्षणिक नुकसान न हो।

पहली से आठवीं तक सरकारी स्तर पर पुस्तकें

मनपा स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को शासन की ओर से पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं, कक्षा नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों के लिए मनपा अपने निधि से किताबों की व्यवस्था करती है। इसी व्यवस्था के तहत इस वर्ष भी नई पाठ्यपुस्तकों की खरीद और वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

17 स्कूलों में पहुंचाई गईं किताबें

बालभारती से पुस्तकें उपलब्ध होने के बाद मनपा शिक्षा विभाग ने सभी 17 माध्यमिक स्कूलों को आवश्यक पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्कूलवार वितरण की प्रक्रिया पूरी की। प्रशासन का दावा है कि अब विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

फाइल लेखा विभाग में अटकने पर उठे सवाल

नई पाठ्यपुस्तकों के वितरण में देरी को लेकर मनपा के भीतर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वितरण से संबंधित फाइल कई दिनों तक लेखा विभाग में पड़ी रही। यदि फाइल को समय पर मंजूरी मिलती और संबंधित प्रक्रिया पहले पूरी की जाती, तो विद्यार्थियों को नई किताबों के लिए इतना इंतजार नहीं करना पड़ता। अब खबर प्रकाशित होने के बाद प्रक्रिया में तेजी आने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

शैक्षणिक हित को प्राथमिकता देने का दावा

यह कार्रवाई मनपा आयुक्त अमोल येडगे के आदेशानुसार तथा उपायुक्त और शिक्षा विभाग प्रमुख अंकुश पांढरे के मार्गदर्शन में की गई। मनपा प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, विद्यार्थियों को नई पाठ्यपुस्तकें मिलने में हुई देरी से यह सवाल जरूर उठता है कि जब बालभारती से किताबें उपलब्ध हुईं, तो उनके वितरण की प्रशासनिक प्रक्रिया पहले से तैयार क्यों नहीं थी।

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