मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने वार्ड अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जर्जर, कमजोर और बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग की अलग-अलग सूची तैयार होगी।
खतरनाक होर्डिंग हटाकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारी।
अवैध विज्ञापन फलक और अतिक्रमण की शिकायतों का मौके पर समाधान करने पर जोर।
सरकारी जमीनों की सुरक्षा और शिक्षण संस्थानों के आसपास लगे विज्ञापन फलक की भी जांच होगी।
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation Illegal Hoarding Action: छत्रपति संभाजीनगर में अवैध विज्ञापन फलक, खतरनाक होर्डिंग और अतिक्रमण के खिलाफ मनपा सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। आयुक्त अमोल येड़गे ने वार्ड अधिकारियों को केवल नोटिस जारी करने के बजाय मौके पर कार्रवाई कर शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए हैं। सरकारी जमीनों की सुरक्षा और शिक्षण संस्थानों के आसपास लगे विज्ञापन फलक की भी जांच होगी।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में नागरिकों की सुरक्षा और महानगरपालिका की संपत्ति को बचाने के लिए प्रशासन ने खतरनाक होर्डिंग, अवैध विज्ञापन फलक और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने वार्ड अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि मौके पर कार्रवाई कर शिकायतों का वास्तविक समाधान करना होगा।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को हुई बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके बाद वार्ड अधिकारियों पर खतरनाक होर्डिंग हटाने, अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई करने और अतिक्रमण संबंधी शिकायतों का प्रभावी निपटारा करने की जिम्मेदारी होगी।
शहर की इमारतों और मकानों पर लगे होर्डिंग की सुरक्षा जांच की जाएगी। इसके लिए कमजोर, जर्जर और बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापन फलक की अलग-अलग सूची तैयार की जाएगी। जांच में खतरनाक पाए जाने वाले होर्डिंग को हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य होर्डिंग गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सड़कों के किनारे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की ओर से लगाए गए बड़े विज्ञापन फलक यातायात और लोगों की आवाजाही को भी प्रभावित कर सकते हैं।
मनपा विज्ञापन फलक के आकार को लेकर नियम तय करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, नए नियम बनने का इंतजार किए बिना ही अनधिकृत विज्ञापन फलक हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालयों, महाविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों के आसपास सड़कों पर लगाए गए विज्ञापन फलक की भी जांच होगी। प्रशासन का जोर ऐसे फलक की पहचान करने और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने पर रहेगा, जो यातायात या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं।
मनपा आयुक्त ने सरकारी जमीनों की सुरक्षा के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। अतिक्रमण संबंधी शिकायतों पर केवल कागजी कार्रवाई करने के बजाय मौके पर जाकर स्थिति की जांच करने और उचित कदम उठाने पर जोर दिया गया है।
वार्ड अधिकारियों को शिकायतों का प्रभावी समाधान करने और कार्रवाई को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब इन निर्देशों के बाद शहर में अवैध होर्डिंग, अतिक्रमण और सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े मामलों में मनपा की कार्रवाई पर नजर रहेगी।