

छत्रपति संभाजीनगर में जलवाहिनियों के रिसाव और मरम्मत के दौरान पानी बर्बाद होने की समस्या।
मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने नागरिकों से पानी की बर्बादी रोकने में सहयोग की अपील की।
WhatsApp शिकायत नंबर 9485202020 जारी किया गया।
स्मार्ट नागरिक और क्लीन स्ट्रीट ऐप से भी दर्ज करा सकेंगे शिकायतें।
जलवाहिनी में रिसाव, दूषित पानी, कम दबाव और टैंकर में देरी जैसी समस्याओं की सूचना देने की अपील।
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation Water Leakage WhatsApp Number: छत्रपति संभाजीनगर में एक ओर नागरिक पानी की कमी से परेशान हैं, तो दूसरी ओर जलवाहिनियों के रिसाव और मरम्मत के दौरान पानी बर्बाद हो रहा है। मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने नागरिकों से ऐसी समस्याओं की सूचना देने की अपील की है। अब WhatsApp नंबर 9485202020, स्मार्ट नागरिक और क्लीन स्ट्रीट ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में एक ओर हजारों नागरिक पीने के पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर जलवाहिनियों में रिसाव और मरम्मत कार्यों के दौरान हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति के बीच पानी की इस बर्बादी ने जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे रोकने के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
अब जलवाहिनी फूटने, पानी का रिसाव होने या जलापूर्ति में गड़बड़ी जैसी समस्याओं की शिकायत घर बैठे डिजिटल माध्यमों से दर्ज कराई जा सकती है। मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने नागरिकों से पानी की बर्बादी दिखाई देने पर तुरंत प्रशासन को सूचना देने का आग्रह किया है।
मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने कहा कि पानी से संबंधित समस्याओं की शिकायत करने के लिए नागरिकों को बार-बार महानगरपालिका कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। वे WhatsApp, मोबाइल ऐप और महानगरपालिका की वेबसाइट के माध्यम से संबंधित विभाग तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं।
इसके लिए मनपा ने 9485202020 WhatsApp नंबर उपलब्ध कराया है। इसके अलावा ‘स्मार्ट नागरिक’ और ‘क्लीन स्ट्रीट’ मोबाइल ऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
शहर में पानी की बर्बादी का उदाहरण हाल ही में टीवी सेंटर परिसर में देखने को मिला। यहां नई जलवाहिनी के जोड़ की मरम्मत के दौरान हजारों लीटर पानी सड़क पर बह गया। इस घटना ने जलवाहिनियों की मरम्मत और रिसाव रोकने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
एक ओर कई इलाकों में नागरिकों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी ओर तकनीकी खराबी और रिसाव के कारण पानी व्यर्थ बह रहा है। कहीं कम दबाव से पानी पहुंचने, तो कहीं दूषित पानी मिलने की शिकायतें भी सामने आती हैं।
मनपा प्रशासन के अनुसार, नागरिक निम्नलिखित समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
जलवाहिनी फूटने या पानी का रिसाव होने पर।
नलों में पानी नहीं आने या अनियमित जलापूर्ति होने पर।
दूषित पानी मिलने पर।
निर्धारित समय पर टैंकर नहीं पहुंचने पर।
नए नल कनेक्शन से संबंधित परेशानी होने पर।
सड़कों पर अनावश्यक रूप से पानी बहने पर।
पानी बचाने में नागरिकों की भूमिका अहम
मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के साथ पानी के अनावश्यक उपयोग को रोकना भी जरूरी है। जलवाहिनियों में रिसाव, पानी की टंकियों से लीकेज, खुले नलों और सड़कों पर बहते पानी की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
अमोल येड़गे के अनुसार, पानी की बचत केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति को देखते हुए उपलब्ध जल का उचित उपयोग और बर्बादी पर नियंत्रण बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। समय पर शिकायत मिलने से संबंधित विभाग को समस्या की पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।