घाटी अस्पताल परिसर की वर्ग-3 और वर्ग-4 कर्मचारियों के लिए बनी 8 जर्जर इमारतें गिराई जाएंगी।
सुरक्षा के मद्देनजर कर्मचारियों को आवास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
इनकी जगह 12 मंजिला आधुनिक सर्जिकल बिल्डिंग बनाने की योजना है।
MBBS विद्यार्थियों के लिए नया छात्रावास और राष्ट्रीय स्तर की विषाणु अनुसंधान प्रयोगशाला भी प्रस्तावित।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की आचार संहिता के कारण रुकी कार्रवाई 27 अक्टूबर के बाद आगे बढ़ने की संभावना।
Ghati Hospital Sambhajinagar 12 Storey Surgical Building Demolition: छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल परिसर में वर्ग-3 और वर्ग-4 कर्मचारियों के लिए बनी आठ जर्जर आवासीय इमारतों को गिराने की तैयारी है। इनके स्थान पर 12 मंजिला अत्याधुनिक सर्जिकल बिल्डिंग, MBBS विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और राष्ट्रीय स्तर की विषाणु अनुसंधान प्रयोगशाला बनाने की योजना है। कर्मचारियों को आवास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर। सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (घाटी) परिसर में विकास कार्यों के लिए रास्ता साफ करने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां वर्ग-3 और वर्ग-4 कर्मचारियों के लिए बनी आठ जर्जर और खतरनाक आवासीय इमारतों को जल्द ढहाया जाएगा। इनकी जगह 12 मंजिला अत्याधुनिक सर्जिकल बिल्डिंग, MBBS विद्यार्थियों के लिए नया छात्रावास और राष्ट्रीय स्तर की विषाणु अनुसंधान प्रयोगशाला बनाने की योजना है।
इमारतों की जर्जर स्थिति को देखते हुए घाटी प्रशासन ने इनमें रहने वाले कर्मचारियों को तत्काल आवास खाली करने के निर्देश दिए हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की आचार संहिता के कारण रुकी कार्रवाई 27 अक्टूबर के बाद आगे बढ़ने की संभावना है।
जिलाधिकारी विनय गौड़ा जीसी और पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने हाल ही में संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इन इमारतों की स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंप दी गई है। अब इमारतों को गिराने की कार्रवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है।
घाटी परिसर की पुरानी आवासीय इमारतों में कई कर्मचारी वर्षों से अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं। हर साल मानसून से पहले इन्हें खाली करने के नोटिस जारी किए जाते थे, लेकिन इमारतों को गिराने की कार्रवाई टलती रही। अब सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आवास खाली कराने पर जोर दिया है।
घाटी अस्पताल में ऑपरेशन और मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 12 मंजिला आधुनिक शल्य चिकित्सा भवन बनाने की योजना है। इससे सर्जरी से संबंधित सुविधाओं का विस्तार करने और अस्पताल की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही परिसर में MBBS विद्यार्थियों के लिए नया छात्रावास और राष्ट्रीय स्तर की विषाणु अनुसंधान प्रयोगशाला बनाने का भी प्रस्ताव है। यह प्रयोगशाला पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की तर्ज पर विकसित करने की योजना का हिस्सा है।
घाटी के अधिष्ठाता डॉ. शिवाजी सुके ने बताया कि भविष्य में चिकित्सा महाविद्यालय में MBBS सीटें बढ़ने की संभावना को देखते हुए नए छात्रावास का निर्माण जरूरी है। उन्होंने कहा कि इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट पूरा हो चुका है और अब लोक निर्माण विभाग को इन्हें गिराने की कार्रवाई करनी चाहिए।
इससे पहले छत्रपति संभाजीनगर शहर की लेबर कॉलोनी और कोटला कॉलोनी स्थित सरकारी आवासीय इमारतों को चरणबद्ध तरीके से खाली कराकर ढहाया गया था। अब इसी तर्ज पर घाटी परिसर की जर्जर इमारतें हटाकर विकास कार्यों के लिए जगह उपलब्ध कराने की योजना है।
आगे की कार्रवाई लोक निर्माण विभाग की प्रक्रिया और लागू आचार संहिता से जुड़ी परिस्थितियों के अनुसार बढ़ने की संभावना है।