छत्रपति संभाजीनगर में 29 अक्टूबर को मराठवाड़ा ऑटो क्लस्टर में ड्राइव CSN कार्यशाला।
ईवी क्षेत्र में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश से बढ़ेंगी औद्योगिक संभावनाएं।
क्षेत्र के 1,648 एमएसएमई और 30 हजार से अधिक कामगारों को मिल सकते हैं नए अवसर।
बैटरी तकनीक, वाहन कलपुर्जों और ईवी आपूर्ति श्रृंखला पर होगा मंथन।
तकनीकी कौशल, परीक्षण सुविधाओं और प्रमाणन की लागत जैसी चुनौतियों के समाधान पर जोर।
Chhatrapati Sambhajinagar EV Hub: छत्रपति संभाजीनगर को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए 29 अक्टूबर को ड्राइव CSN कार्यशाला आयोजित होगी। ईवी क्षेत्र में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश के बीच स्थानीय एमएसएमई और स्टार्टअप्स को आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने, तकनीकी कौशल बढ़ाने और परीक्षण व प्रमाणन संबंधी समस्याओं के समाधान पर चर्चा की जाएगी।
छत्रपति संभाजीनगर को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए स्थानीय उद्योगों की क्षमता बढ़ाने की पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से गुरुवार, 29 अक्टूबर को मराठवाड़ा ऑटो क्लस्टर में ड्राइव CSN कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें उद्योग प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ ईवी क्षेत्र में स्थानीय उद्योगों के लिए नए अवसरों, तकनीकी जरूरतों और व्यावहारिक चुनौतियों पर मंथन करेंगे।
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्टअप्स को इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने के लिए सक्षम बनाना है।
छत्रपति संभाजीनगर और आसपास के क्षेत्रों में ईवी क्षेत्र में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश को देखते हुए स्थानीय उद्योगों के लिए संभावनाएं बढ़ रही हैं। क्षेत्र के 1,648 एमएसएमई और 30 हजार से अधिक कामगारों को वाहन कलपुर्जों, बैटरी तकनीक और विशेष औद्योगिक सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं।
इस निवेश से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों में स्थानीय कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके लिए जरूरी है कि छोटे उद्योगों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ उन्हें वाहन निर्माता कंपनियों की गुणवत्ता और उत्पादन संबंधी जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाए।
ईवी उद्योग के विस्तार की संभावनाओं के बावजूद स्थानीय उद्यमों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें तकनीकी कौशल की कमी, परीक्षण सुविधाओं तक सीमित पहुंच, परीक्षण एवं प्रमाणन की अधिक लागत और मंजूरी प्रक्रिया में देरी प्रमुख हैं।
ड्राइव CSN कार्यशाला में इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही ईवी क्षेत्र में काम करने के इच्छुक एमएसएमई और स्टार्टअप्स को जरूरी तकनीकी जानकारी तथा उद्योग से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा होगी।
कार्यशाला में ईवी परीक्षण और वाहन समरूपता प्रमाणन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर विचार किया जाएगा। सिमुलेशन तकनीक के माध्यम से परीक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने तथा बैटरी मूल्य श्रृंखला के लिए आवश्यक कौशल की पहचान करने जैसे विषय भी चर्चा में शामिल रहेंगे।
इन प्रयासों का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों की तकनीकी क्षमता बढ़ाना और उन्हें ईवी विनिर्माण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बनाना है।
कार्यशाला का आयोजन डब्ल्यूआरआई की पहल पर मराठवाड़ा एक्सेलेरेटर फॉर ग्रोथ एंड इन्क्यूबेशन काउंसिल, मराठवाड़ा ऑटो क्लस्टर और देवगिरी इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर के सहयोग से किया जा रहा है।
यह पहल ग्लोबल एनवायरनमेंट फैसिलिटी (जीईएफ) के सहयोग से संचालित इलेक्ट्रिक मोबिलिटी परियोजना का हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम इस परियोजना को लागू कर रहा है, जबकि नीति आयोग का मार्गदर्शन प्राप्त है।
आयोजकों ने वाहन निर्माता कंपनियों, ऑटोमोबाइल क्षेत्र के एमएसएमई, ईवी स्टार्टअप्स और परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं से कार्यशाला में भाग लेने की अपील की है।