Drainage Work In Chhatrapati Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर शहर में जाम ड्रेनेज लाइन और चेंबर से सड़कों पर बह रहे गंदे पानी की समस्या को देखते हुए अब अत्यावश्यक ड्रेनेज कार्यों में 80 प्रतिशत संपत्ति कर वसूली की शर्त आड़े नहीं आएगी। स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े ड्रेनेज कार्यों के साथ पानी आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट जैसे मूलभूत सुविधाओं के काम कर वसूली की शर्त के कारण लंबित नहीं रखे जाएं।
मकरिये ने बुधवार को सभी जोन के प्रभाग अभियंताओं की बैठक लेकर शहर में लंबित ड्रेनेज कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि ड्रेनेज परियोजना के तहत अभी भी करीब 132 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाना बाकी है। उपलब्ध पाइप का उपयोग कर लंबित काम तत्काल शुरू करने के निर्देश उन्होंने दिए। साथ ही आवश्यक कार्यों की निविदाएं दो दिन के भीतर जारी करने की समयसीमा प्रशासन को दी।
शहर के कई इलाकों में ड्रेनेज लाइन जाम होने तथा चेंबर से सांडपानी बाहर आने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इससे दुर्गंध के साथ नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मकरिये ने अभियंताओं को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का तत्काल निपटारा किया जाए और भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा न आएं, इस तरह स्थायी समाधान के लिए काम किया जाए। उन्होंने कहा कि संपत्ति कर वसूली महत्त्वपूर्ण है, लेकिन नागरिकों के स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को इसके कारण रोकना उचित नहीं है।