Accountant Transfers 370 Crore: छत्रपति संभाजीनगर मालिक की बेटी की तस्वीर लगी वॉट्सऐप डीपी (प्रोफाइल फोटो) वाले नंबर से आए संदेश को मालिक का ही संदेश समझकर अकाउंटेंट ने बिना किसी पुष्टि के कंपनी के बैंक खाते से 3.70 करोड़ रुपये दो खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम जमा होते ही साइबर ठगों ने महज ढाई घंटे में उसे 28 अलग-अलग बैंक खातों में घुमा दिया।
बिना किसी पुष्टि के WhatsApp संदेश पर भरोसा कर रकम ट्रांसफर करने से कंपनी को 3.70 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। साइबर ठगों ने रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद कंपनी की ओर से जवाहरनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना छत्रपति संभाजीनगर के गारखेड़ा स्थित एस. डी. दौंडे इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में 14 और 15 सितंबर के बीच हुई। कंपनी के अकाउंटेंट दिगंबर माने ने इस मामले में जवाहरनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। माने पिछले छह वर्षों से कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के कारण बैंक बंद थे, जिसके चलते उस दिन संबंधित रकम का ट्रांसफर नहीं हो सका। इसके बाद माने ने संदेश भेजकर बैंक बंद होने और रकम ट्रांसफर नहीं होने की जानकारी दी। इसी के बाद साइबर ठगी की पूरी घटना सामने आई।
14 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे उन्हें एक अनजान नंबर से इंग्लिश में संदेश मिला। संदेश में छत्रपति संभाजीनगर की ये कंपनी के बैंक खाते में उपलब्ध राशि की जानकारी मांगी गई थी। वॉट्सऐप पर लगी डीपी कंपनी मालिक की बेटी की होने के कारण माने को लगा कि संदेश मालिक की ओर से ही आया है।
उन्होंने बिना पुष्टि किए बैंक खाते के बैलेंस का स्क्रीनशॉट भेज दिया। इसके करीब दस मिनट बाद उन्हें स्काई पे प्राइवेट लिमिटेड और आरएमआरएस जन कल्याण हॉस्पिटल के दो अलग-अलग बैंक खाते भेजे गए। इन खातों में क्रमशः 1.70 करोड़ और 2 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा गया।