Chandrapur Chandrashekhar Bawankule Revenue: वरोरा तहसील के फत्तापुर स्थित सर्वे नंबर 180 और आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनिज उत्खनन कर शासन के राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने निर्देश दिए हैं कि जांच में दोषी पाए जाने पर खनन व्यवसायी के साथ-साथ पटवारी, तहसीलदार से लेकर प्रांताधिकारी तक सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
वरोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक करण देवतले ने इस संबंध में बैठक आयोजित की थी। मंत्रालय में राजस्व मंत्री के कक्ष में हुई इस बैठक में चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत सहित राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फत्तापुर क्षेत्र में केवल 2 हजार ब्रास उत्खनन की अनुमति होने के बावजूद अक्टूबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच करीब 33 हजार ब्रास अतिरिक्त और अवैध उत्खनन किया गया। इतने बड़े पैमाने पर दिनदहाड़े अवैध उत्खनन जारी रहने के दौरान स्थानीय राजस्व अधिकारियों और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने नाराजगी व्यक्त की।
इस मामले को लेकर वरोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक करण देवतले की पहल पर मंत्रालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राजस्व मंत्री के कक्ष में हुई इस बैठक में चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत सहित राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अवैध उत्खनन की पूरी जानकारी और प्रशासनिक स्तर पर हुई कथित लापरवाही की समीक्षा की गई।
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अवैध उत्खनन से शासन को नुकसान हुआ है तो केवल खनन व्यवसायी ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र के पटवारी, मंडल अधिकारी, तहसीलदार, प्रांताधिकारी और अन्य सभी जिम्मेदार अधिकारी भी जवाबदेह होंगे। राजस्व मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होगी और किसी को भी बचाया नहीं जाएगा। साथ ही अवैध उत्खनन मामले में रॉयल्टी के पांच गुना दंड की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।