PMPML की बड़ी तैयारी: मेट्रो और BRT से बाहर के रूटों पर डबलडेकर बस सेवा शुरू करने की योजना

Pune PMPML Bus News: पुणे में PMPML 21 जुलाई से 10 रूटों पर डबलडेकर बस का ट्रायल शुरू करेगी। हडपसर और स्वारगेट जैसे बिना मेट्रो व बीआरटी वाले मार्गों को प्राथमिकता दी गई है।
PMPML to conduct double-decker electric bus trials on 10 selected routes in Pune from July 21, focusing on areas without Metro or BRT connectivity
डबलडेकर बस (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pune PMPML Double Decker Buses: पुणे शहर में डबलडेकर बस सेवा दोबारा शुरू करने की दिशा में पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (PMPML) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार बसों का संचालन केवल उन मार्गों पर प्रस्तावित किया गया है, जहां फिलहाल मेट्रो या बीआरटी (BRT) सेवा उपलब्ध नहीं है। इसी योजना के तहत 21 जुलाई को शहर के 10 चयनित मार्गों पर डबलडेकर बस का ट्रायल रन किया जाएगा।

हडपसर-वाघोली और स्वारगेट रूट शामिल

ट्रायल के लिए हडपसर-वाघोली, हडपसर-स्वारगेट समेत ऐसे मार्गों का चयन किया गया है, जहां सार्वजनिक परिवहन की अतिरिक्त आवश्यकता महसूस की जा रही है। इन मार्गों पर डबलडेकर बसों की उपयोगिता, यात्री प्रतिक्रिया और परिचालन क्षमता का आकलन किया जाएगा।

स्विच कंपनी उपलब्ध कराएगी बस

मुंबई की बेस्ट (BEST) सेवा को डबलडेकर इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने वाली स्विच कंपनी ट्रायल के लिए बस उपलब्ध कराएगी। कंपनी के अधिकारी सोमवार को बस पीएमपीएमएल को सौंपेंगे। इसके बाद मंगलवार से पीएमपीएमएल और कंपनी के अधिकारी संयुक्त रूप से विभिन्न मार्गों पर परीक्षण करेंगे तथा तकनीकी और परिचालन संबंधी पहलुओं की समीक्षा करेंगे।

पहले ट्रायल से मिले अनुभव के आधार पर नया फैसला

इससे पहले सितंबर 2025 में हिंजवड़ी क्षेत्र में डबलडेकर बस का परीक्षण किया गया था। हालांकि, बाद में मेट्रो-3 परियोजना शुरू होने से उस मार्ग पर यात्रियों की संख्या घटने की संभावना बनी। वहीं, पहले ट्रायल के दौरान कुछ तकनीकी समस्याएं भी सामने आई थीं। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार नए मार्गों पर दोबारा परीक्षण करने का निर्णय लिया गया है।

मेट्रो और BRT से बाहर के मार्गों पर रहेगा फोकस

पीएमपीएमएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक महेश आव्हाड ने बताया कि डबलडेकर बसें उन्हीं मार्गों पर चलाने की योजना है, जहां पुणे मेट्रो और बीआरटी जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसी रणनीति के तहत ट्रायल के लिए ऐसे रूट चुने गए हैं, ताकि यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध कराया जा सके और भविष्य में सेवा शुरू करने पर ठोस निर्णय लिया जा सके।

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