Chandrapur Farmer Fights Tiger Attack : चंद्रपुर के चिमूर क्षेत्र में मवेशी चराते समय पट्टेदार बाघ के हमले से किसान ने लाठी के सहारे अपनी जान बचाई।
इसी दौरान झुरकुटोला जंगल क्षेत्र में बाघ के हमले में 72 वर्षीय किसान की मौत हो गई। लगातार घटनाओं के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट बढ़ा दिया है।
चिमूर तहसील में जंगल में मवेशी चराते समय एक किसान पर अचानक पट्टेदार बाघ ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए किसान ने घबराने के बजाय बाघ का डटकर सामना किया। हाथ में मौजूद लाठी से प्रतिकार करते हुए उसने जोर-जोर से शोर मचाया। अचानक हुए प्रतिरोध और चीख-पुकार से बाघ पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग निकला।
घटना में नवतला निवासी शुभम वसंता शिवरकर (32) घायल हुए हैं। उनके सिर और हाथ में चोटें आई हैं।
बताया गया कि मंगलवार शाम करीब 4 बजे शुभम रोज की तरह गांव से लगे देवा जंगल क्षेत्र में मवेशी चराने गए थे। इसी दौरान मवेशी अचानक डरकर भागने लगे और आवाज करने लगे। स्थिति समझने के लिए शुभम उस दिशा में पहुंचे, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। कुछ ही क्षणों में दोनों के बीच संघर्ष शुरू हो गया। शुभम ने लाठी से बाघ का सामना करते हुए शोर मचाया, जिसके बाद बाघ उन्हें छोड़कर जंगल में भाग गया।
वहीं, झुरकुटोला गांव के जंगल क्षेत्र में 72 वर्षीय किसान वातू बकाराम राऊत की बाघ के हमले में मौत हो गई। 15 सितंबर की सुबह वे बकरियों के लिए चारा लाने पहाड़ी क्षेत्र से लगे जंगल में गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए सड़क अर्जुनी ग्रामीण अस्पताल भेजा गया है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी मिथुन तरोणे और डुग्गीपार थानेदार कमलेश सोनटक्के की टीम जांच कर रही है।
चंद्रपुर क्षेत्र में लगातार घटनाओं से कोरा, काशी, करुल, पवनगांव, अलोणी और आसोला समेत आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। कुछ दिन पहले रायपुर जंगली क्षेत्र में बाघ के हमले में किसान की मौत हुई थी। इससे पहले पवनगांव में मवेशी चराने गए युवक पर बाघिन ने हमला किया था, जिसमें वह बाल-बाल बचा।
स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। 20 सीसी कैमरे और 25 ट्रैप कैमरों के जरिए वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों में जनजागरण के साथ पत्रक बांटे जा रहे हैं और हिंसक वन्यजीवों से बचाव के लिए मानव चेहरे वाले मास्क भी वितरित किए जा रहे हैं।