चंद्रपुर

मेडिकल में अव्यवस्था का अंबार, महानगर भाजपा का जिलाधिकारी को निवेदन

नवभारत डेस्क
  • मेडिकल की अवस्था करें दूर- मुनगंटीवार

चंद्रपुर. चंद्रपुर स्थित शासकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में मरीजों का हाल बेहाल हो रहा है.दवाईयां भंडार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होने से मरीजों के रिश्तेदारों को बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस अव्यवस्था को दूर कर तुरंत दवाईयों का भंडार उपलब्ध कराये ऐसी मांग विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने वैद्यकीय शिक्षण मंत्री को प्रेषित पत्र में की है.

शहर भाजपा ने दी आंदोलन की चेतावनी

इस संदर्भ में एक निवेदन महानगर भाजपा की ओर से जिलाधिकारी को सौपकर चेतावनी दी गई है कि सुविधा उपलब्ध कराने में देरी हुई तो आंदोलन छेड़ा जाएगा. निवेदन सौपनेवाले शिष्टमंडल में भाजपा महानगर जिलाध्यक्ष डा. मंगेश गुलवाडे, कोषाध्यक्ष प्रकाश धारणे, महासचिव सुभाष कासनगोट्टूवार, रवींद्र गुरनुले, डा.दीपक भट्टाचार्य, आलीम शेख, मोहम्मद जिलानी,प्रफुल राजपुरोहित, डा. किरण देशपांडे, रहांगडाले, पी.एल. लोई, विनय कावडेकर, नितीन गुप्ता आदि की उपस्थिति थी.

मरीज को बाहर से दवा खरीद कर लाने की दी पर्ची

उल्लेखनीय है कि जिला सामान्य अस्पताल में कन्हैयालाल तिवारी पैर की बीमारी के चलते आपरेशन के लिए वार्ड क्र. 7 में भरती है. उन पर 31 दिसंबर को आपरेशन किया जाना था. उन्हें कुछ दवाईयां बाहर से मेडिकल से लाने का प्रिस्क्रिप्शन अस्पताल के वैद्यकीय अधिकारी ने 30 दिसंबर को दिया था. उक्त मरीज विधायक मुनगंटीवार के कार्यालयीन सहयोगी से संपर्क कर अच्छे उपचार और मुफ्त औषधिपचार की गुहार लगा रहे थे. तिवारी ने उक्त प्रिस्क्रिप्शन विधा. मुनगंटीवार के कार्यालयीन सहयोगी को भेजा.

उक्त वैद्यकीय सामग्री की कीमत 1104 रुपये होने की जानकारी विधायक मुनगंटीवार को मिलने पर उन्होने उक्त सामाग्री देने के लिए कार्यालय सहयोगियों को निर्देश दिए और यह मामला सामने आया. ऐसी परिस्थिति अन्य वार्ड के प्रत्येक मरीजों के साथ हो रही है.आईसीयू विभाग में मुख्य वैद्यकीय अधिकारी उपस्थित ना होने से मरीजों की मौत होने की घटनाएं हो चुकी है. 

मरीजों में छायी है दहशत

इस अस्पताल के  प्रशासन की उदासीनता के कारण मरीजों के रिश्तेदारों में भय का वातावरण निर्माण है. मुख्य वैद्यकीय अधिकारी का सुबह का राऊंड होने के बाद दूसरे दिन मुख्य वैद्यकीय अधिकारी मरीजों की जांच के लिए नहीं आते है. बीच में मरीजों की कोई जांच नहीं की जाती है.

आर्थों सर्जरी के लिए आवश्यक साहित्य उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. आंखों के आपरेशन प्रक्रिया बंद है. इससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. उक्त विषय गंभीर स्वरूप के होने से इस अव्यवस्था को दूर कर दवाईयां उपलब्ध कराने की मांग विधायक मुनगंटीवार ने की है. जिला प्रशासन गंभीरता का परिचय नहीं देगा तो आंदोलन करने की चेतावनी डा. मंगेश गुलवाडे ने जिलाधिकारी से चर्चा के दौरान की है.

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