Chandrapur Expressway Project: विकास और आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नागपुर-चंद्रपुर प्रवेश नियंत्रित द्रुतगति महामार्ग (एक्सप्रेसवे) परियोजना के निर्माण कार्य को अब गति मिलने जा रही है। परियोजना के भूमि अधिग्रहण हेतु आवश्यक निधि जुटाने के लिए हुडको से 2,353 करोड़ 94 लाख रुपये के ऋण उभार और शासन गारंटी करार के प्रारूप को 8 जून को अंतिम प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है।
इस निर्णय से परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आने की संभावना है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल द्वारा क्रियान्वित इस 204.799 किलोमीटर लंबी संशोधित योजना को पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। भूमि अधिग्रहण हेतु कुल 2,353.94 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जिसमें मूल राशि 1,493।31 करोड़ रुपये तथा संभावित ब्याज 860.63 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस परियोजना के लिए हुडको से ऋण लेने का प्रस्ताव शासन के विचाराधीन था, जिसे मंत्रिमंडल की पायाभूत सुविधा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार अब औपचारिक मंजूरी दे दी गई है।
नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण के लिए हुडको से ऋण लेने पर पूर्ण सहमति दी गई है। इस ऋण के लिए वित्त विभाग द्वारा शीघ्र ही शासन गारंटी का औपचारिक आदेश जारी किया जाएगा। पूर्व में विरार-अलीबाग बहुउद्देशीय परिवहन मार्ग परियोजना के लिए जिस प्रकार 'गारंटी डीड' को मंजूरी दी गई थी, उसी आधार पर इस परियोजना के लिए भी गारंटी डीड के प्रारूप को स्वीकृति दी गई है।
भूमि अधिग्रहण से जुड़ा वित्तीय अवरोध समाप्त होने के बाद अब प्रत्यक्ष जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। इस एक्सप्रेस वे के पूर्ण होने पर नागपुर से चंद्रपुर की यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। इससे इस क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होने का दावा प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें:- नागपुर में विकास या विनाश? प्रतापनगर में 2 साल से अधूरी सड़क बनी डेथ ट्रैप, बारिश से कीचड़ में फिसल रहे वाहन
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अवर सचिव राजेश भोगले ने जानकारी देते हुए बताया कि हुडको से ऋण उभार का निर्णय हो चुका है और परियोजना के पूर्ण होने की दिशा में आगे की कार्रवाई शीघ्र शुरू की जाएगी।