बाघ और भलू के बीच जंग 
चंद्रपुर

बच्चे के लिए बाघ से भिड़ी मां भालू, कैमरे में कैद हुआ ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व का रोमांचक सीन

एक रोमांचक घटना ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में देखने को मिली, जब एक छोटे भालू का शिकार करने का प्रयास कर रहे बाघ को मादा भालू ने अपना रौद्र रूप दिखाते हुए जंगल में खदेड़ दिया।

आकाश मसने

चंद्रपुर: मां चाहे इंसान हो या वन्यजीव यदि शिशु पर कोई आफत आती है तो मां रणचंडी का रूप धारण कर लेती है। ऐसे कई उदाहरण अक्सर देखने को मिलते हैं। ऐसी ही एक रोमांचक घटना ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में देखने को मिली, जब एक छोटे भालू का शिकार करने का प्रयास कर रहे बाघ को मादा भालू ने अपना रौद्र रूप दिखाते हुए जंगल में खदेड़ दिया। जंगल का राजा बाघ मादा भालू के रौद्र रूप के आगे बेबस हो गया।

चंद्रपुर के ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के बफर जोन के निमढेला गेट से एक महिला पर्यटक और उनके साथियों ने सफारी के लिए शुक्रवार की दोपहर में एन्ट्री ली थी। सफारी करते हुए संरक्षित वनक्षेत्र कंपार्टमेंट क्र. 63 जहां सुप्रसिध्द रामदेगी मंदिर भी है। इस क्षेत्र में सफारी करते हुए पर्यटकों ने देखा कि एक बाघ एक शिशु भालू का शिकार करने के लिए दबे पैर आ रहा है। पर्यटकों ने तुरंत अपने पास कैमरे को ऑन कर शूटिंग शुरू कर दी।

बाघ शिशु भालू तक पहुंच पाता उसी समय मादा भालू जो कि पास ही दूसरी तरफ मुंह किए खड़ी थी उसने अपनी बच्चे को बचाने के लिए बाघ पर हमला बोल दिया और जोरदार गर्जदार आवाज में बाघ से जा भिड़ी। मां को बाघ से लड़ता देख भालू के बच्चे में भी जोश आ गया और वह भी बाघ पर टूट पड़ा।

बाघ ने जब दोनों भालुओं के आक्रामक पैंतरे को देखा तो तुरंत बच निकलने में भलाई समझी और उल्टे पैर बाघ वाहनों के आवागमन का रास्ता पार करता हुआ जंगल की ओर भाग निकला। मात्र दो मिनट का यह वीडियो एक मां की संतान की रक्षा के लिए जान पर खेल जाने का संदेश दे रहा है। जो देखते ही रोमांच भर देता है। महिला पर्यटक शायद जीवन भर इस अदभुत घटना को भूल पाए।

पर्यटकों को देखने मिल जाती हैं गतिविधियां

बाघों के अभयारण्य के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध ताड़ोबा-अंधारी बाघ परियोजना में सफारी के दौरान पर्यटकों को वन्यजीवों की ऐसी हैरतअंगेज गतिविधियां देखने को मिलती है जिसके चलते बडी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। फिलहाल कोर क्षेत्र को मानसून के तीन माह के बंद रखा गया है। इसलिए अधिकांश पर्यटकों का आगमन बफर क्षेत्र में हो रहा है।

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