Chandrapur Rural Employment Opportunities: गांव में सुविधाएं बढ़े, युवाओं को रोजगार के लिए शहरों की ओर न जाना पड़े और स्थानीय स्तर पर ही आय के साधन तैयार हो, इसी दिशा में 'महाराष्ट्र ग्राम सामाजिक परिवर्तन अभियान' (मिशन महाग्राम) को नई गति दी जा रही है। राज्य सरकार ने अभियान की अवधि अब वर्ष 2029 तक बढ़ा दी है।
चंद्रपुर जिले के चयनित गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा। परिणाम स्वरूप अब गांव से युवाओं के पलायन को रोकने की उम्मीद की जा रही है। अभियान के तहत गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। चयनित प्रत्येक गांव को सतत विकास कार्यों के लिए 10 लाख रुपए का विशेष निधि उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा कृषि, महिला एवं बाल विकास तथा पंचायत राज विभाग की योजनाओं को भी गांवों से जोड़ा जाएगा। गांव में सड़क, पानी और अन्य सुविधाएं विकसित होने के बाद भी यदि रोजगार के लिए युवाओं को बाहर जाना पड़े, तो ग्रामीण विकास अधूरा माना जाएगा। इसी वजह से अभियान में महिला स्वयं सहायता समूह, कौशल विकास और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को गांव में ही सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना और पलायन को कम करना है।
अभियान के तहत सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, आंगनवाड़ी सेविका और ग्रामीणों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इनमें गांव का विकास आराखड़ा तैयार करने और योजनाओं में जनभागीदारी बढ़ाने की जानकारी दी जाती है।
मिशन महाग्राम की एक खास बात यह है कि विकास कार्यों के लिए सरकारी निधि के साथ कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि का भी उपयोग किया जा रहा है। इससे गांवों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं विकसित करने का रास्ता खुला है। अब चुनौती यह होगी कि योजनाओं का लाभ कागजों से निकलकर वास्तव में गांवों के घर-घर और युवाओं के रोजगार तक पहुंचे।