Gondpipri Power Cut: पिछले एक वर्ष से विद्युत वितरण कंपनी द्वारा रख-रखाव व मरम्मत के प्रति अक्षम्य उपेक्षा बरती जा रही है. इसलिए, पिछले एक साल से गोंडपिपरी शहर और तालुका में बिजली की लगातार कमी बनी हुई है. इसके कारण गोंडपिंपरी के लोगों को परेशानी हो रही है. गर्मियों के मध्य में समय-समय पर बिजली कटौती हो रही है. शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के नागरिक पीड़ित हैं. यह तालुका उद्योग विहीन है.
यहां की जनसंख्या लाखों में है. शहर की जनसंख्या लगभग दस से बारह हजार है. जिले में पूरे राज्य में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया. मई के महीने में चिलचिलाती धूप ने जीवन को दूभर कर दिया है. खरीफ का मौसम नजदीक आ रहा है. सुबह-सुबह ग्रामीण अपना कृषि कार्य पूरा करके घर लौट आते हैं. हालाँकि, चूँकि पूरे दिन बिजली नहीं रही, इसलिए मुझे बहुत पसीना आ रहा है.
दूसरी ओर, सरकारी काम ठप्प पड़ा हुआ है. बिजली कटौती के कारण गांवों में नागरिक अपना काम नहीं कर पा रहे हैं और पहुंचने पर ही घर लौटने को मजबूर हैं. इससे नागरिकों में बिजली वितरण कंपनी के प्रति गहरा रोष व्याप्त है. यहां के बिजली कार्यालय को बिजली रखरखाव और मरम्मत के लिए लाखों रुपए की धनराशि मिलती है. हालांकि, अधिकारियों की मनमानी और लापरवाह प्रबंधन के कारण पिछले एक साल से रखरखाव और मरम्मत का काम नहीं हुआ है, जिससे आम जनता यह सोच रही है कि रखरखाव और मरम्मत का पैसा कहां गया. बिजली वितरण कंपनी के कुप्रबंधन के कारण नागरिक परेशान हैं.