Highlights:
उद्योग शुरू नहीं करने और निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने पर MIDC की कार्रवाई।
संबंधित भूखंड धारकों को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश।
समझौते के तहत तय समय-सीमा में निर्माण और उद्योग शुरू करना अनिवार्य।
MIDC Chandrapur Notice: महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल ने जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित 86 प्लाट धारकों को कारण बताओ नोटिस थमाया है। औद्योगिक क्षेत्रों में प्लाट आवंटन के बरसों बाद भी संबंधित प्लाट धारकों ने उक्त जमीनों पर उद्योगों की स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने से उन्हें यह नोटिस दिए है।
एमआईडीसी के स्थानीय क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से प्रेषित किए गए शो कॉज नोटिस के कारण जिले के विभिन्न एमआईडीसी क्षेत्रों में बरसों से जमीन हथियाकर और उस पर कोई उद्योग शुरू नहीं करने वाले कथित उद्यमियों में हड़कंप मच गया है।
नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि, एमआईडीसी और आपके बीच हुए समझौते के तहत आपको कुछ शर्तों और नियमों के अनुसार एमआईडीसी क्षेत्र में 95 वर्षों की लीज पर भूखंड दिया गया है। समझौते के अनुसार, आपको समझौते की तारीख से तय अवधि के भीतर शुरू किए जाने वाले उद्योग के भवन का नक्शा स्वीकृत कराना, निर्माण कार्य शुरू करना और निर्माण कार्य पूरा करना आवश्यक है।
साथ ही, आपको तय समय-सीमा के भीतर या उससे पहले निर्माण कार्य शुरू करना और विनिर्देशों के अनुसार भवन का निर्माण पूरा करना अनिवार्य था। समझौते में निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, फिर भी आपने फैक्ट्री भवन के निर्माण के लिए आवश्यक योजनाएं, सेक्शन, एलिवेशन और अन्य विवरण जमा नहीं किए हैं, न तो आपने निर्माण कार्य शुरू किया है, न ही इसे पूरा किया है, और न ही समझौते के अतः एमआईडीसी अब उक्त भूखंड (प्लॉट) पर पुनः प्रवेश करने और उसका कब्ज़ा वापस लेने का हकदार हो गया है।
एमआईडीसी के अनुसार कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया है। यह समझौते की मुख्य शर्तों का उल्लंघन है। संबंधित 86 प्लाट धारकों को 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए है। नोटिस में स्पष्ट रूप से यह चेतावनी दी गयी है कि, यदि इस नोटिस के जवाब में कोई उत्तर नहीं मिलता है, तो निगम उक्त समझौते को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने और उक्त भूखंड पर तुरंत पुनः कब्जा करने के लिए स्वतंत्र होगा।
यह भी उल्लेखनीय है कि, इसके पहले एमआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से जिले के कुल 8 उद्यमियों से एमआईडीसी की ओर से उन्हें उद्योगों के लिए आवंटित जमीन वापस ली है। एमआईडीसी के साथ किये गए समझौते में दी गयी शर्तों और नियमों का उल्लंघन किये जाने पर यह कार्रवाई की गई है।