प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
चंद्रपुर

चंद्रपुर के आधे से ज्यादा शराब लाइसेंस होंगे रद्द! SIT ने तैयार की हेराफेरी की रिपोर्ट तैयार

Chandrapur News: चंद्रपुर जिले में शराब लाइसेंस घोटाले की एसआईटी जांच पूरी, 100 करोड़ की हेराफेरी उजागर। रिपोर्ट में 50% से अधिक लाइसेंस रद्द होने की संभावना, लिकर लॉबी में हड़कंप।

आकाश मसने

Chandrapur Liquor License Scam SIT Investigation: चंद्रपुर जिले में शराब लाइसेंस स्वीकृत करने में करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले की जांच पूरी हो गई है। इसके नतीजे में मौजूदा लाइसेंस से करीब 50 प्रतिशत से ज्यादा लाइसेंस रद्द हो जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। सनद रहे, हेराफेरी मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की गई है।

बताया जा रहा है कि शीत सत्र से पहले एसआईटी के माध्यम से राज्य सरकार को जाँच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट को लेकर जिले की लिकर लॉबी की धडकनें तेज हो गयी है। चंद्रपुर जिले में 2015 में शराबबंदी लागू की गयी थी। इसके प्रतिकूल परिणाम बेकाबू हो जाने के बाद सरकार ने अपने निर्णय की समीक्षा की औरे 2021 में सत्ता परिवर्तन होते ही शराबबंदी हटा दी गयी थी।

तीन साल में तेजी से बढ़ें लाइसेंस

प्रतिबंध से पहले, जिले में 315 लाइसेंस थे। प्रतिबंध हटने के बाद, विभिन्न माध्यमों से शराब बिक्री के लाइसेंस बढ़ाए गए और आबकारी विभाग के तत्कालिन अधीक्षक संजय पाटिल के समय में मात्र साढ़े तीन वर्षों में 800 से अधिक शराब बिक्री लाइसेंस स्वीकृत किए गए। आंकड़ें बढ़े होने के पीछे की वजहों को लेकर आपत्ति लिया जाना स्वाभाविक था।

रेवडियों की तरह बांटे गए लाइ्सेंस का मामला सीधा एसआईटी तक पहुंच गया। नगर निगम और संबंधित पुलिस थाने ने फर्जी जांच रिपोर्ट दिखाकर शराब बिक्री लाइसेंस अनुचित स्थानों पर और गलत व्यक्तियों को दिए जाने की पोल खुली। इसमें 100 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी होने की शिकायतें संबंधित विभाग को मिली थीं।

विधायक मुनगंटीवार ने की थी शिकायत

नागरिकों ने भी इसके खिलाफ शिकायतें और आपत्तियां दर्ज कराईं। हालांकि, जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने सभी शिकायतें व आपत्तियों को अनदेखा कर दिया था। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने सीधे मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत कर एसआईटी जांच की मांग की थी।

उस शिकायत पर बनी समिति से नागरिकों ने 78 शिकायतें की। एसआईटी ने सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर अपनी रिपोर्ट बनाई है। समिति को दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन राज्य सरकार ने समय बढा कर दे दिया था। अब बताया जा रहा है कि आगामी शीतकालीन सत्र से पहले रिपोर्ट पेश की जाएगी। एसआईटी प्रमुख संदीप दीवान दिसंबर में शीतकालीन सत्र से पहले रिपोर्ट पेश करेंगे।

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