दूषित पानी (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
चंद्रपुर

चंद्रपुर जिले के 54 गांवों का पानी बना 'जहर'; जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, जानें आपके गांव का हाल

Chandrapur Water Quality Report 2026: चंद्रपुर में पानी की शुद्धता पर बड़ा खुलासा! 54 गांवों का पानी पीने योग्य नहीं। गोंडपिपरी और पोंभुर्णा में रासायनिक प्रदूषण। प्रशासन ने जारी किया अलर्ट।

प्रिया जैस

Contaminated Drinking Water Maharashtra: चंद्रपुर जिले में जल गुणवत्ता जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कुल 54 गांवों के पानी के नमूने दूषित पाए गए हैं। इनमें 4 गांवों में रासायनिक और 50 गांवों में जैविक कारणों से पानी प्रदूषित मिला है, जिससे गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

जिले की 825 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 1401 गांवों में कुल 2640 जलापूर्ति योजनाओं की जल जीवन मिशन के तहत वर्ष में तीन बार पानी की गुणवत्ता जांच की गई। जांच में गोंडपिपरी और पोंभुर्णा तहसील के 4 गांव का पानी रासायनिक रूप से दूषित पाया गया हैं।

इन जलस्रोतों को स्थायी रूप से बंद करने की नौबत आने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा 1 अप्रैल 2025 से 11 मार्च 2026 तक कुल 3469 जलस्रोतों की रासायनिक जांच की गई, जिसमें से 3465 स्रोतों का पानी पीने योग्य पाया गया, जबकि 4 स्रोत पूरी तरह से अनुपयोगी घोषित किए गए।

कई गांवों का पानी दूषित

जैविक जांच के तहत प्री-मानसून (1 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025) के दौरान 4155 नमूनों की जांच में 22 गांवों का पानी दूषित पाया गया। इसके बाद पोस्ट-मानसून (1 अक्टूबर 2025 से 11 मार्च 2026) में 5377 नमूनों की जांच में 28 गांवों के 55 जलस्रोत दूषित मिले।

दूषित जलस्रोतों पर उपाययोजना

रासायनिक रूप से दूषित जलस्रोतों को पीने के पानी के लिए बंद कर दिया गया है, वहीं जैविक रूप से दूषित जलस्रोतों की सफाई, क्लोरीनेशन और अन्य उपाय किए गए हैं। दोबारा जांच के बाद ही इन स्रोतों को उपयोग के लिए अनुमति दी जा रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर जलसुरक्षा करनेवालों की मदद से नियमित जांच, स्वच्छता, क्लोरीनेशन और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में गांव की पानी एवं स्वच्छता समितियों की बैठकों में नियमित चर्चा भी हो रही है और रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जा रही है।

प्रशासन की अपील

उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद चंद्रपुर मच्छिंद्रनाथ देवव्रत धस ने कहा कि सभी जलस्रोतों की 100% जांच सुनिश्चित की जाए। नियमित क्लोरीनेशन, स्वच्छता बनाए रखने, तथा ब्लीचिंग पाउडर में 20% से अधिक क्लोरीन की मात्रा बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही सप्ताह में एक दिन “सूखा दिवस” मनाने की भी सलाह दी गई है।

क्रमांक तहसील दूषित गांव
1 गोंडपिपरी 2
2 पोंभुर्णा 2
क्रमांक तहसील दूषित गांव
1 चिमूर 3
2 गोंडपिपरी 3
3 मूल 2
4 पोंभुर्णा 2
5 सावली 2
6 भद्रावती 4
7 वरोरा 6
क्रमांक तहसील दूषित गांव
1 सावली 1
2 चंद्रपुर 2
3 मूल 1
4 वरोरा 5
5 सिंदेवाही 8
6 बल्लारपुर 2
7 जिवती 1
8 कोरपना 1
9 पोंभुर्णा 3
10 राजुरा 1
11 भद्रावती 3

गर्मी के मौसम में दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन और ग्राम पंचायतों के साथ-साथ नागरिकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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