Chandrapur Ashok Uike Rainfall Drought Alert: चंद्रपुर जिले में औसत से करीब 40 फीसदी कम बारिश के चलते खरीफ फसलों और जलस्रोतों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पालकमंत्री डॉ. अशोक उईके ने वरोरा में धान-कपास की फसलों का निरीक्षण कर प्रशासन को संभावित सूखा-सदृश स्थिति के लिए पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए।
चंद्रपुर जिले में इस बार बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। औसत की तुलना में करीब 40 फीसदी कम बारिश होने से खरीफ फसलों पर असर पड़ने के साथ आने वाले दिनों में पेयजल संकट की आशंका भी जताई जा रही है। अगर अब पर्याप्त बारिश नहीं हुई और वापसी की बारिश भी कमजोर रही, तो किसानों के साथ आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
संभावित सूखा-सदृश स्थिति को देखते हुए पालकमंत्री डॉ. अशोक उईके ने प्रशासन को पानी, फसल और पशुधन से जुड़ी जरूरतों का पहले से नियोजन करने के निर्देश दिए हैं।
खरीफ सीजन की समीक्षा बैठक से पहले राज्य के आदिवासी विकास मंत्री तथा चंद्रपुर के पालकमंत्री डॉ. अशोक उईके ने वरोरा तहसील के खेतों का दौरा किया। उन्होंने धान और कपास की फसलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
इस दौरान पालकमंत्री ने किसानों से बारिश की स्थिति, फसल की वृद्धि, सिंचाई व्यवस्था और खेती से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। कम बारिश की स्थिति में किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग को सीधे खेतों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए।
खरीफ सीजन की समीक्षा बैठक में डॉ. उईके ने प्रशासन को संभावित सूखा-सदृश स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूर्व नियोजन करने को कहा। उन्होंने जिले के जलसंचय, उपलब्ध जलस्रोत, संभावित पेयजल जरूरत और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा खरीफ फसलों की स्थिति, कृषि निविष्ठाओं की उपलब्धता और किसानों को मिलने वाले फसल कर्ज की भी समीक्षा करने को कहा गया। पालकमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डॉ. अशोक उईके ने पात्र किसानों को समय पर फसल कर्ज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां फसल नुकसान हुआ है, वहां पंचनामा प्रक्रिया तत्काल पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।
नुकसानभरपाई से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए, इस पर भी उन्होंने जोर दिया। अधिकारियों को बारिश और फसल की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में सांसद प्रतिभा धानोरकर, विधायक किशोर जोरगेवार, देवराव भोंगळे, करण देवतळे, सुधाकर अडबाले, जिलाधिकारी वसुमना पंत और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह सहित अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अब जिले में बारिश की स्थिति, फसलों की हालत और जलस्रोतों की उपलब्धता पर प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है।