Bhandara UPI MDR Cash Payments: 15 अक्टूबर से चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के व्यावसायिक UPI भुगतानों पर 0.4% MDR लागू होने जा रहा है।
भंडारा के व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि बड़े डिजिटल भुगतान की लागत बढ़ने से कुछ मामलों में नकदी का इस्तेमाल बढ़ सकता है।
भंडारा के व्यापारी नरेश नंदनवार ने कहा कि बड़े लेन-देन पर MDR लागू होने से व्यापारिक खर्च बढ़ सकता है। कम मार्जिन पर काम करने वाले कारोबारियों के लिए अतिरिक्त भुगतान का असर सीधे मुनाफे पर पड़ने की चिंता है।
व्यापारी रमेश तिडके ने कहा कि दुकान का किराया, बिजली, कर्मचारियों और परिवहन का खर्च पहले ही बढ़ा हुआ है। ऐसे में बड़े UPI भुगतान पर अतिरिक्त लागत को लेकर व्यापारियों में असंतोष है।
UPI से बड़े भुगतान करने वाले व्यापारियों के लिए 15 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन पर 0.4% MDR लगेगा और ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर इसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। इस बदलाव को लेकर भंडारा के व्यापारियों और नागरिकों में चिंता है कि अतिरिक्त लागत के कारण बड़े भुगतान में नकदी का इस्तेमाल बढ़ सकता है। हालांकि, यह शुल्क सीधे ग्राहकों पर लगाने का प्रावधान नहीं है और सामान्य P2P भुगतान मुफ्त रहेंगे।
National Payments Corporation of India (NPCI) की नई व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा P2M UPI लेन-देन पर MDR लागू होगा। ₹2,000 तक के पात्र व्यावसायिक UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा, जबकि ₹2,000 से अधिक के पात्र लेन-देन पर 0.4% शुल्क निर्धारित किया गया है।
₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन रखी गई है। Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI भुगतान इस शुल्क से बाहर रहेंगे।
स्थानीय नागरिक सतीश आगलावे के अनुसार, यदि बड़े भुगतान के लिए लोग नकदी का विकल्प चुनते हैं तो ATM से पैसे निकालने की जरूरत बढ़ सकती है। बैंकों की तय मुफ्त निकासी सीमा पार होने पर ATM शुल्क भी लग सकता है।
रंजनकुमार राऊत ने कहा कि UPI के कारण लोगों को बड़ी मात्रा में नकदी साथ रखने की जरूरत कम हुई थी। बड़े भुगतान के लिए दोबारा नकदी निकालना और उसे साथ लेकर चलना लोगों के लिए असुविधाजनक और सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय हो सकता है।
नई व्यवस्था में MDR का भुगतान व्यापारी पक्ष से होना है। वित्त मंत्रालय ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि व्यापारी इस शुल्क को UPI भुगतान करने वाले ग्राहकों पर सीधे न डालें।
वहीं, छोटे व्यापारी भी पूरी तरह इस दायरे में नहीं हैं। रिपोर्टों के अनुसार, QR के जरिए महीने में ₹1 लाख तक UPI प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों को MDR से छूट दी गई है।
अब 15 अक्टूबर के बाद भंडारा के बाजार में बड़े डिजिटल भुगतानों और नकदी के इस्तेमाल पर इसका वास्तविक असर किस तरह दिखाई देता है, यह देखने वाली बात होगी।