भंडारा में ईडी रेड (सौजन्य-नवभारत) 
भंडारा

भंडारा रेत घोटाले की खुली पोल! ED ने अजय गहाने के ठिकानों से जब्त किए 'सीक्रेट' रजिस्टर, जिले में मचा हड़कंप

ED Raid Tumsar: भंडारा जिले के तुमसर में रेत माफिया अजय गहाने के ठिकानों पर ED का छापा। 2 पोकलेन मशीनें सील, 2020 के फर्जी रॉयल्टी घोटाले की जांच तेज। जिले में मचा हड़कंप।

प्रिया जैस

Bhandara News: भंडारा जिले के तुमसर तहसील में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है। करोड़ों रुपये के राजस्व की चोरी और रेत तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए ईडी ने शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे लोभी गांव में छापेमारी की।

जांच एजेंसी ने यहां के प्रमुख रेत व्यवसायी अजय गहाने के निवास और कार्यालय पर एक साथ दबिश दी और उपकी दो पोकलेन को सील ठोक दिया है जिससे जिले के रेत माफियाओं में भारी हड़कंप देखा जा रहा है। यह कार्रवाई वर्ष 2020 के बहुचर्चित फर्जी रॉयल्टी (रेत परमिट) मामले की जड़ों तक पहुंचने के लिए की गई है।

रेत व्यवसायी अजय गहाने की दूकान तलाशी

प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी इस मुहिम के तहत केवल तुमसर ही नहीं, बल्कि नागपुर और सावनेर सहित विदर्भ के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। लोभी में की गई कार्रवाई के दौरान अत्यधिक गोपनीयता बरती गई। अजय गहाने की डोंगरी बुजुर्ग स्थित दुकान की भी तलाशी ली गई है, जहां से कुछ महत्वपूर्ण रजिस्टर और संदिग्ध दस्तावेज जांच दल के हाथ लगने की प्राथमिक जानकारी मिली है। देर रात तक चली इस पूछताछ में क्या तथ्य सामने आए, इस बारे में अभी तक एजेंसी ने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। ईडी छापेमारी के दौरान जांच दल ने न केवल दस्तावेजों की जांच की, बल्कि गहाने की चल और अचल संपत्ति का भी बारीकी से निरीक्षण किया। ईडी ने उनके पास मौजूद महंगी आलीशान गाड़ियों और अन्य वाहनों के कागजात अपने कब्जे में ले लिए हैं।इतना ही नहीं तो दो पोकलेन मशीनों का सील लगा दिया है।

बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन का सत्यापन

जांच एजेंसी को संदेह है कि आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की गई है, जिसके चलते सभी बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन का सत्यापन किया जा रहा है। तुमसर तहसील में हाल ही में 42 रेत घाटों की नीलामी हुई है, जिसमें कई बड़े माफिया सक्रिय हैं।

मध्य प्रदेश सीमा से सटे घाट क्षेत्रों पर अजय गहाने का वर्चस्व माना जाता है, जहां की उच्च गुणवत्ता वाली रेत की नागपुर और मुंबई जैसे शहरों में भारी मांग रहती है। गहाने पर हुई इस अचानक कार्रवाई से तहसील के राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

2020 के फर्जी रॉयल्टी घोटाले में गहाने की भूमिका की जांच

स्थानीय जानकार यह संदेह भी जता रहे हैं कि क्या अन्य स्थापित रेत माफियाओं ने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर गहाने को निशाना बनाया है। तहसील में ईडी की इस पहली बड़ी कार्रवाई से राजस्व और पुलिस विभाग में भी खलबली मची हुई है।

केंद्रीय एजेंसी अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि 2020 के फर्जी रॉयल्टी घोटाले में गहाने की क्या भूमिका थी और इस रैकेट में अन्य किन बड़े लोगों के हित जुड़े हुए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले की आंच जिले के कुछ और रसूखदार लोगों तक पहुंच सकती है।

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