Sakoli Pond Deepening: सरकारी निधि का इंतजार किए बिना जनसहभागिता और श्रमदान के बल पर विकास कार्य कैसे किए जा सकते हैं, इसका एक प्रेरणादायी उदाहरण साकोली के प्रभाग क्रमांक 5 में देखने को मिल रहा है। यहां हनुमान मंदिर के समीप स्थित तालाब के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। यह सराहनीय पहल नगरसेवक एवं गटनेता संदीप बावनकुले की संकल्पना से शुरू हुई है, जिसमें हनुमान ध्यान साधना समिति और स्थानीय नागरिकों का विशेष सहयोग मिल रहा है।
यह पूरा कार्य पूरी तरह जनसहभागिता के माध्यम से संपन्न किया जा रहा है। तालाब के गहरीकरण से क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ने और वर्षा जल के बेहतर संचयन की उम्मीद जताई जा रही है। इससे गर्मियों के दिनों में होने वाली पानी की किल्लत से स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह कदम भविष्य में जल संकट को काफी हद तक कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।
तालाब की खुदाई के साथसाथ उसकी पार को मजबूत और पक्का करने का काम भी तेजी से चल रहा है। इससे एक ओर जहां तालाब की सुरक्षा बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर का सौंदर्य भी निखरेगा। आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र को एक आकर्षक और दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है।
जनसहभागिता से बना जलमंदिर इस संबंध में नगरसेवक संदीप बावनकुले ने कहा, यह केवल एक सामान्य विकास कार्य नहीं है, बल्कि जनसहभागिता से तैयार हो रहा एक जलमंदिर है। हनुमान ध्यान साधना समिति और स्थानीय नागरिकों का इस कार्य के प्रति उत्साह बेहद सराहनीय है। हमारा मुख्य लक्ष्य सभी के सहयोग से क्षेत्र का समग्र विकास करना है।
बिना किसी सरकारी फंड के, केवल जनसहयोग और अनवरत श्रमदान से शुरू हुए इस जलसंरक्षण अभियान की साकोली शहर सहित सभी स्तरों पर जमकर सराहना हो रही है। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक प्रतिदिन इस कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई और सकारात्मक दिशा मिल रही है।